बना हुआ शौचालयजगनेर नगर पंचायत द्वारा निकाला गया टेंडर पत्र
खेरागढ़(आगरा)। नगर पंचायत जगनेर में भ्रष्टाचार का आलम देखिए। मोहल्ला घाटी में एक साल पहले सामुदायिक शौचालय बन गया। 12 महीने बाद टेंडर निकला। शौचालय निर्माण पर 10 लाख खर्च हुए। जबकि टेंडर में अनुमानित व्यय 16 लाख रुपये दर्शाया गया है। शौचालय के वीडियो वायरल होने के मामले की पोल खुली है।
खेरागढ़ तहसील क्षेत्र में जगनेर नगर पंचायत है। यहां बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सामुदायिक शौचालय के जीर्णोद्धार एवं पिंक शौचालय निर्माण के लिए 16,06,900 लाख रुपये का टेंडर 28 नवंबर को जारी हुआ। जबकि जिस शौचालय के लिए टेंडर हुआ, उसका निर्माण मई 2024 में हो चुका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने इस सामुदायिक शौचालय पर सवाल खड़े हो गए हैं। नियमानुसार किसी भी कार्य को कराने से पूर्व टेंडर प्रक्रिया होती है। कार्य आदेश जारी होने के बाद निश्चित अवधि में पूर्ण करना होता है। लेकिन जगनेर नगर पंचायत में कार्य पहले और टेंडर बाद में निकाल नियमों को ही खूंटी पर टांग दिया गया।
पहले शाैचालय बना दीजिए, फिर निकाला जाएगा टेंडर
आरोप है अध्यक्ष ने अपने नजदीकी ठेकेदारों को कार्य लाभ देने के लिए नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की है। वहीं, इंजीनियर सत्यपाल राघव ने कोई भी एस्टीमेट बनाए जाने से इनकार किया है। ठेकेदार कांता मित्तल ने बताया कि नगर पंचायत के अधिकारियों ने कहा था कि शौचालय बना दीजिए, टेंडर बाद में निकाल दिया जाएगा। करीब 10 लाख की लागत से शौचालय निर्माण कराया गया था, जो आज तक भुगतान नहीं हुआ है।
जांच की जाएगी
मामला जानकारी में आते ही टेंडर प्रक्रिया रोक दी गई है। जांच की जाएगी। कार्यालय के जिन भी कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद चौधरी, एसडीएम न्यायिक एवं अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत जगनेर