मैनपुरी। शहर की नवीन मंडी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई गई अमर उजाला की मुहिम रंग लाई। खबरों के बाद शुरू हुई जांच में मंडी सचिव को दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने मंडी सचिव गौरव सिंह को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद मंडी में खलबली मच गई है।
नवीन मंडी में कदम-कदम पर भ्रष्टाचार था। मंडी में नीलामी चबूतरों व पक्की दुकानों के अलावा कई एकड़ भूमि खाली पड़ी हुई थी। इसमें भविष्य में दुकानों का निर्माण कराया जाना था। इस भूमि पर दबंगों ने खुद ही आपस में साठ-गांठ कर मंडी में बंटवारा कर लिया। सैकड़ों अवैध दुकानों का निर्माण किया गया है।
इतना ही नहीं पक्की रसीद से लेकर 6आर और 9आर तक में खेल चलता रहा। अमर उजाला ने खबरों के माध्यम से भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इसके बाद उप निदेशक मंडी आगरा ने जांच के आदेश दिए थे। जांच हुई तो अवैध निर्माण व अनियमितताओं के साथ-साथ कई अन्य फर्जीवाड़े भी खुल गए।
इसमें बिजली अनुरक्षण में 14.79 लाख रुपये का टेंडर पास करने और चार करोड़ का बकाया वसूल न करने का मामला भी खुल गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव गौरव सिंह को निलंबित कर दिया। हालांकि मंडी समिति में भ्रष्टाचार की कई जांच होना अभी भी बाकी है।
आगे की जांच में कई परतें खुलना तय है। कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में खलबली मच गई है। उन्हें कार्रवाई का डर सता रहा है।
सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान
मंडी समिति की ओर से दुकानों का निर्माण कर उनकी खुली बैठक में नीलामी की जाती है। जो भी सबसे अधिक बोली लगाता है उसे ही दुकान दी जाती है। अमूमन एक दुकान की बोली लाखों में लगती है। ऐसे में दबंगों की ओर से जमीन पर कब्जा कर सरकारी खजाने को लाखों का नहीं बल्कि करोड़ों का चूना लगाया गया।
रसीद बुक के नाम पर भी हो रही वसूली
मंडी में व्यापारियों को 6आर और 9आर की रसीदें जारी की जाती हैं। वैसे तो इनका शुल्क महज 50 रुपये है। लेकिन मंडी समिति के कर्मचारी आढ़तियों से इस रसीद के लिए पांच सौ रुपये तक वसूल कर रहे हैं। इन सभी मामलों में अभी कई कर्मचारियों पर कार्रवाई होना बाकी है।
शिकोहाबाद के सचिव को सौंपा कार्यभार
नवीन मंडी में तैनात सचिव गौरव सिंह के निलंबन के बाद ये पद खाली हो गया है। ऐसे में फिलहाल उच्चाधिकारियों ने शिकोहाबाद मंडी के सचिव प्रदीप कुमार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। नए सचिव की तैनाती तक वे ही कार्यों का संचालन करेंगे।
मंडी सचिव की शह पर मैनपुरी की मंडी में कब्जा किया गया। जांच में इस बात की पुष्टि होने पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। शासन से सचिव को निलंबित कर दिया है। आगे कार्रवाई की जा रही है।
-मूलचंद्र गंगवार, उप निदेशक मंडी आगरा।