आगरा के हॉटस्पॉट क्षेत्र में डेयरी संचालक के घर 10 दिन में दो संक्रमित सहित तीन लोगों की मौत हो जाने के बाद भी जब स्वास्थ्य विभाग से कोई परिजनों के सैंपल लेने नहीं पहुंचा। लोगों ने सोशल मीडिया पर अफसरों से गुहार लगाई। कहा कि यदि संक्रमण फैल गया तो कौन जिम्मेदार होगा? इसके बाद अफसरों ने टीम भेजी और सैंपल लिए। इस देरी पर जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है।
ताजगंज क्षेत्र के गुम्मट निवासी 80 साल का डेयरी संचालक को मधुमेह की बीमारी थी। सात मई को उनकी मौत हो गई। इसी दिन इनके 70 साल के छोटे भाई की भी तबियत बिगड़ गई। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों ने परिजनों को यह कहकर घर लौटा दिया कि मरीज का हालचाल फोन पर बताते रहेंगे। उनके बेटे ने बताया कि 10 मई को एसएन से फोन आया कि उनके पिता की मौत हो गई है। कोरोना वायरस की रिपोर्ट के बारे में बताया कि वे संक्रमित थे। इनके शव को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत बैग में पैक करके अंतिम संस्कार करा दिया।
फोन भी किया, नहीं आई स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग से भी फोन आया तो परिजनों ने कोरोना जांच कराने के लिए कहा, लेकिन सैंपल लेने कोई नहीं आया। 10 मई को मृतक डेयरी संचालक के 50 साल के बेटे को बुखार की शिकायत हुई, उन्हें भी मधुमेह था। उन्हें दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां दो दिन बाद चिकित्सकों ने संक्रमित बताते हुए मेरठ के सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। परिजनों ने बताया कि इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव होने की रिपोर्ट बताई गई पर उन्हें नहीं दी। शनिवार को इनकी भी मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई। उन्हें बताया गया कि वे संक्रमित थे। ताजगंज बड़ा हॉटस्पाट है, यहां 64 व्यक्ति संक्रमित हैं।
फोन पर लेते रहे जानकारी, जांच करने तक नहीं आए अधिकारी: परिजन
मृतक डेयरी संचालक के बेटे ने बताया कि ताऊ फिर पिता और उसके बाद बड़े भाई की मौत हो गई। एसएन मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के फोन आते रहे, लेकिन जांच करने के लिए कोई नहीं आया। जब सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा लिखी तब टीम आई और नमूने लिए हैं।
'परिजनों के लिए हैं नमूने, मेरठ से मांगी जा रही है रिपोर्ट'
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि ताजगंज में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई है। एक की घर, एक की एसएन और एक की मेरठ में मौत हुई है। इसकी जानकारी हुई तो 12 परिजनों के नमूने लिए गए। मेरठ से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। 21 लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया है, आसपास सैनिटाइजेशन भी करवा दिया है।
छह घंटे है सर्विलांस का समय
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने संक्रमित व उनके संपर्क में आए लोगों की सर्विलांस छह घंटे में करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। ये काम रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को करना होता है।
मामले की जांच कराई जाएगी
हॉटस्पॉट में पॉजिटिवि केस में डोर-टू-डोर सर्विलांस कराई जा रही है। इस मामले में कहां गड़बड़ हुई इसकी जांच होगी। सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। -प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी