आगरा में कोरोना वायरस से बचाव के लिए शुक्रवार को दीवानी कचहरी को 28 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। 151 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब किसी वायरस के कारण कचहरी के दरवाजों पर ताले लगाए गए हों।
29 मार्च को रविवार है, इसलिए कचहरी अब 30 को खुलेगी। लंबित मुकदमों में अगली तारीख भी तभी दी जाएगी। उधर, भीड़ को देखते हुए आरटीओ में शनिवार से नए डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) नहीं बनेंगे।
हाईकोर्ट ने इसका आदेश जारी किया था। जिला जज मयंक कुमार जैन ने शुक्रवार सुबह नौ बजे सभी न्यायालयों और कार्यालयों को बंद कराया।
उन्होंने वादकारियों और अधिवक्ताओं से अपील की कि दीवानी में न आएं। इस पर सभी बाहर चले गए। इसके बाद दीवानी के चारों गेटों पर ताला लगा दिया गया। यहां पर कर्मचारी और पुलिस तैनात कर दी गई।
स्थायी लाइसेंस भी वैधता खत्म होने पर बनेंगे
आरटीओ ने बताया कि वाहनों की फिटनेस का कार्य जारी रहेगा। फिटनेस में भी वैधता तारीख खत्म होने वाले वाहनों को ही वरीयता दी जाएगी। शुक्रवार को आरटीओ में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए 300 लोग पहुंचे। स्थायी लाइसेंस के लिए भी 250 लोग पहुंचे।
अधिवक्ताओं ने कहा, यह जरूरी था
अधिवक्ता केडी शर्मा, करतार सिंह भारतीय ने कहा कि यह जरूरी था। उन्होंने बताया कि दीवानी वर्ष 1869 में शुरू हुई थी। दीवानी में कुल 68 अदालतें हैं। 20 खाली चल रही हैं। 48 में लगभग दो लाख केस हैं। यहां रोजाना तीन हजार केस की सुनवाई होती है।
जब फूट-फूटकर रोने लगी महिला
आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ निवासी बबिता मित्तल कचहरी के गेट पर फूट फूटकर रोने लगीं। वो एक मुकदमे की सुनवाई के लिए आई थी। उनके पति मुकेश मित्तल की चार साल पहले मृत्यु हो गई है।
उनकी मात्र एक बेटी प्रीति है। पति के मित्र ने पति से चार साल पहले पांच लाख रुपये उधार लिए थे। अब देने से मना कर रहा है। इसी का केस चल रहा है।
गढ़ी चांदनी निवासी 62 साल की सोनकली पत्नी भगवान अपने सिविल केस के संबंध में आई थीं। मगर, निराश होकर लौटना पड़ा। पैसई, खंदौली निवासी हरी सिंह 12 वर्ष पुराने बिजली चोरी के केस, फिरोजाबाद निवासी रिंकी संपत्ति विवाद में पैरवी को आई थी।