आगरा फार्मा एसोसिएशन के पुनीत कालरा का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाली एंटीजन टेस्ट और निजी अस्पतालों को दी जाने वाली किट का भी सरकार ऑडिट कराए। आशंका है कि इनका कुछ स्टाफ भी इन किटों का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
खुद की डॉक्टरी पड़ सकती है महंगी
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि रैपिड किट से खुद की जांच करना बेहद खतरनाक है। यदि किसी को बुखार, खांसी और जुकाम होने पर किट से जांच करता है और रिपोर्ट निगेटिव आती है तो वह निश्चिंत हो जाता है। जबकि इसकी रिपोर्ट शतप्रतिशत सही नहीं होती। ऐसे में पीसीआर जांच जरूरी होती है। ऐसे में परिवार में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
किट मिलने पर मेडिकल स्टोर सील करने को कहा है
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने कहा कि कोरोना की रैपिड जांच किट की अवैध बिक्री की शिकायत पर फिरोजाबाद, आगरा समेत अन्य जिलों के औषधि निरीक्षकों को जांच करने को कहा है। अवैध रूप से किट मिलने पर मेडिकल स्टोर सील करने को भी कहा है।