पूरा परिवार संक्रमित
कोरोना की दूसरी लहर में लगभग पूरा परिवार संक्रमित हुआ। यहां तक कि एक या दो सदस्यों को अस्पताल में भी रहना पड़ा। पहली लहर में सभी सदस्य संक्रमित नहीं हुए, अधिकांश होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए।
80 फीसदी तक फेफड़े खराब
वायरस सीधे फेफड़ों तक पहुंचा और शुरू के तीन-चार दिन में ही 30 से 50 फीसदी फेफड़े संक्रमित कर दिए। कइयों में 80 फीसदी तक फेफड़े खराब मिले। मरीजों को आईसीयू में रखना पड़ा, हाई फ्लो ऑक्सीजन भी देनी पड़ी।
ब्लैक फंगस
पहली लहर में पोस्ट कोविड मरीजों में इतने साइड इफेक्ट नहीं थे, लेेकिन इस बार मरीज के ठीक होने के बाद भी खतरा बना है। ब्लैक, येलो, व्हाइट फंगस के मरीज मिले, आंख तक निकालनी पड़ रही हैं, मौत भी हो रहीं हैं।
कोरोना से ठीक होने के बाद भी साइड इफेक्ट
संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि इस बार कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद साइड इफेक्टज्यादा देखने मिल रहे। ब्लैक फंगस, आंखों की रोशनी कम होना, शॉर्ट मेमोरी लॉस, कमजोरी है जो मरीज में तीन महीने से अधिक समय तक रह सकती है।