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आगरा में कोरोना: दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन के तीन मरीज मिले, एक संक्रमित में अज्ञात स्ट्रेन

Fri, 26 Mar 2021 03:03 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सभी मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं
  • रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सामान्य जीवन जी रहे 
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कोरोना वायरस की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना वायरस के दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन के तीन मरीज मिले हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज से बीते सप्ताह सात संक्रमित मरीजों के नमूने लखनऊ केजीएमयू जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें से तीन में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन मिला है और एक मरीज में अज्ञात स्ट्रेन पाया गया है। राहत की बात है कि यह सभी मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सामान्य जीवन जी रहे हैं। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग अध्यक्ष डॉ आरती अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश भर में जिनोम सीक्वेंसिंग के तहत जांच के लिए नमूने भेजे गए थे, तीन में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन मिला है, एक अज्ञात है, जिसकी स्टडी चल रही है, अभी 3 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। लोग घबराए नहीं, मास्क पहनें और पूरी सावधानी बरतें। बुजुर्गों का टीकाकरण जरूर करवाएं।
 
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कितना खतरनाक है दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन
वैज्ञानिकों को अभी ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि यह वायरस पहले के मुकाबले और अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है या मृत्यु का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, कहा जा रहा है कि यह यूके स्ट्रेन से भी अधिक संक्रामक है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को इस बारे में बताया कि दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में सामने आए कोरोना के स्ट्रेन यूके के स्ट्रेन से अलग हैं।

प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' दे सकता है
दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना वायरस के स्ट्रेन को लेकर बीते दिनों वैज्ञानिकों ने एक चेतावनी जारी की थी। वैज्ञानिकों ने कहा था कि एक नए शोध में पता चला है कि यह स्ट्रेन शरीर की एंटीबॉडी के साथ-साथ प्रतिरक्षा तंत्र को भी 'धोखा' दे सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार शोध में सामने आया है कि इस वायरस के बाहरी स्पाइक प्रोटीन के एक विशिष्ट भाग पर कुछ खास उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हुए हैं। यही म्यूटेशन इसे एंटीबॉडी से बचने में सक्षम बनाते हैं। 

दोबारा संक्रमित कर सकता है यह स्ट्रेन
कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना वायरस का दक्षिण अफ्रीका का स्ट्रेन उन लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है जो कोविड की चपेट में आकर पहले ही ठीक हो चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं के अनुसार इस स्ट्रेन से संक्रमित हुए 48 फीसदी लोग पहले भी कोरोना वायारस से संक्रमित हो चुके थे। इसमें हैरान करने वाली बात ये थी कि संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के शरीर में बनी एंटीबॉडी भी नए स्ट्रेन के संक्रमण को नहीं रोक पाई थीं। 

 
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