कोरोना वायरस के कारण ताजनगरी का जूता उद्योग बुरी तरह से संकट में पड़ गया है। रास्ते में औसतन 500 करोड़ रुपये का माल फंस गया है। इधर, सर्दी के सीजन के लिए तैयार होने वाले 2500 करोड़ के माल के निर्यात पर भी ग्रहण लगने लगा है।
जूता निर्यातकों द्वारा लॉकडाउन से पूर्व विदेश भेज गया माल रास्ते में अटका पड़ा है। मुंबई से लेकर यूरोप के बंदरगाह तक पर सामान रुका हुआ है। निर्यातकों का कहना है कि लगभग समूचा यूरोप कोरोना की चपेट में है।
वहां कारोबारी माल लेना नहीं चाह रहे हैं। आर्डर निरस्त होने का सिलसिला लगातार जारी है। इतना ही नहीं, आगामी सर्दियों के ऑर्डर को लेकर भी संकट गहरा गया है। क्योंकि हाल फिलहाल स्थिति ठीक होती नहीं दिख रही है।