भविष्य और रोजी रोटी की तलाश में सात समंदर पार विदेश गए शहर के तमाम लोग परेशान हैं। कोरोना संक्रमण के खौफ और लॉकडाउन के कारण वह वहां फंस गए हैं। इससे उनके परिजन चिंतित हैं।
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अमेरिका और यूक्रेन समेत अन्य देशों में फंसे लोगों को वतन वापस बुलाने के लिए परिजन सरकार से गुहार लगा रहे हैं। फोन और वीडियो कॉल के जरिए एक दूसरे से समस्या भी शेयर कर रहे हैं।
दो महीनों से घर में कैद हैं आकाश
शहर की महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी जयकुमार गुप्ता के बेटे आकाश गुप्ता अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सिएटल शहर में एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पिछले दो महीने से अमेरिका में कोरोना के खौफ के कारण सड़कों पर निकलना प्रतिबंधित है।
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वीडियोकॉल से ही परिजनों से बातचीत करते हैं। आकाश ने अपने पिता एवं मां रेनू गुप्ता से वीडियो कॉल पर बात कर बताया कि दो महीने से घर में हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है। भारतीय दूतावास ने भारत भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की है।
कासगंज में गर्विता माहेश्वरी का परिवार जो बेटी के यूक्रेन में फंसे होने के बाद चिंतित है
- फोटो : अमर उजाला
मेरी बेटी को घर बुला दो प्रधानमंत्रीजी
शहर की विश्वबैंक कॉलोनी निवासी प्रियदर्शन माहेश्वरी की बेटी गर्विता माहेश्वरी यूक्रेन के दिनेसिया शहर में एक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही हैं। 15 दिसंबर को वह कासगंज से गई थीं, लेकिन अब वहां कोरोना संक्रमण के खौफ से कुछ क्षेत्रों में लॉकडाउन किया गया है।
देश वापस लौटने का कोई इंतजाम नहीं हो पा रहा। बेटी ने फोन पर अपने परिजनों को समस्याएं बताईं। उसके बाद मां अनु माहेश्वरी, बहन शुभांगी और भाई समर्थ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई है।
कासगंज में शोभित माहेश्वरी का परिवार जो बेटे के यूक्रेन में फंसे होने के बाद चिंतित है
- फोटो : अमर उजाला
बेटा परेशान है, बढ़ रही चिंता
मिशन चौराहा निवासी राजकुमार माहेश्वरी का बेटा शोभित माहेश्वरी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहा है। वह प्रथम वर्ष का छात्र है। यूक्रेन में लॉकडाउन के कारण राशन की समस्या हो रही है।
बेटे ने फोन पर परिजनों को बताया कि हॉस्टल में जो राशन मिल रहा है वह काफी महंगा है। किसी तरह भारतीय दूतावास और भारत सरकार से गुहार लगाकर उसे घर वापस बुला लिया जाए। बेटे की परेशानी से पूरा परिवार चिंतित है।