कोरोना वायरस: जांच के लिए सैंपल देते लोग
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आगरा में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित होने वाले 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं दी जाएगी। वे घर पर रहकर इलाज नहीं करा सकेंगे। उनको अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। बुजुर्गों को नए स्ट्रेन से अधिक खतरा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित एक मरीज से चार-पांच लोगों के संक्रमित होने का खतरा है। इसकी चपेट में आने वाले बुजुर्गों मरीजों को जान का भी खतरा हो सकता है। इसी को देखते हुए 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा बंद कर दी गई है। इनको अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
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100 बेड के कोविड वार्ड को फिर से शुरू करने की तैयारी
एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हास्पिटल में अभी 120 बेड हैं। यदि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बाल रोग विभाग में बनाए गए 100 बेड के कोविड वार्ड को शुरू कर दिया जाएगा। अभी इस वार्ड में कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही हैं। कोरोना वैक्सीन के लिए ओपीडी में स्थान तय किया जाएगा।
कुलसचिव समेत 195 शिक्षक, कर्मचारियों के नमूने लिए
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र सहित 195 अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण जांच के लिए नूमने लिए गए। जांच रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति के कोरोना संक्रमित होने से उनके संपर्क में रहने वाले स्टाफ के भी जद में आने डर था।
वहीं, दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय के पूरे स्टाफ की कोरोना संक्रमण की जांच कराई जा रही है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि खंदारी परिसर में 125 ने और पालीवाल पार्क परिसर में 70 लोगों ने जांच के लिए नमूने दिए। दो अप्रैल को अवकाश है, तीन और चार अप्रैल को नमूने लिए जाएंगे। बृहस्पतिवार को नमूने देने वालों में प्रो. अजय तनेजा, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. लवकुश मिश्रा आदि रहे।