कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में मंदिर बंद हैं। शादियां टाल दी गई हैं। इससे बाह के 60 गांवों में फूलों की खेती करने वालों की करीब तीन करोड़ रुपए की कमाई मारी गई है। खेतों में गेंदा के फूल खिले हैं। पर, किसानों के चेहरे मुरझाए हैं।
बाह के खेड़ा देवीदास गांव के राजकुमार ने बताया कि चार बीघे में गेंदा के फूलों की खेती की है। अच्छे फूल खिले हैं। पर, उनके बिकने की कोई उम्मीद नहीं है। इसी तरह बाह के बरपुरा, दोदापुरा, मिड़कौली, गुंगावली, क्वारी, चांगौली, बिजकौली, प्रतापपुरा, पडुआपुरा, मंगदपुर, जैतपुर के पहाड़पुरा, रूपपुरा, रीछापुरा, मढ़ेपुरा, चौरंगाहार, नहटौली, फतेहपुरा, मुकुटपुरा, नंदगवां, खेड़ा राठौर आदि करीब 60 गांवों में होने वाली फूलों की खेती करने वाले किसान महामारी की मार से परेशान हैं।
किसानों ने बताया कि इन गांवों के किसान करीब तीन करोड़ रुपए के फूलों की बिक्री करते रहे हैं। पर इस साल नुकसान ही हो रहा है। पहले ग्लेडियोलस के फूल के खेतों में भी बारिश और ओलावृष्टि के चलते नुकसान उठाना पड़ा था।