मैनपुरी। अब संदिग्धों को होम क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में ही रखा जाएगा। इस फैसले से निश्चित ही हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कमी आएगी।
सोमवार को जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने भोगांव स्थित कोविड हॉस्पिटल और संस्थागत क्वारंटीन हाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग के नोडल अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, आगरा से आने वाले जिन लोगों की सैंपलिंग की जाए, उन्हें रिपोर्ट आने तक संस्थागत क्वारंटीन हाउस में ही रखा जाए। रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त होने पर भी उन्हें कम से कम 14 दिन तक अपने घर में एकांतवास में रहने के लिए निर्देशित कर भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 वार्ड सबसे ज्यादा संवेदनशील है। ड्यूटी पर तैनात सभी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी सुरक्षा मानकों का पालन करें। एसपी अजय कुमार पांडेय, सीएमओ डॉ. एके पांडेय, एसडीएम भोगांव सुधीर कुमार, डॉ. प्रदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
हॉटस्पॉट बने कई गांव और मोहल्ले
अभी तक स्वास्थ्य विभाग संदिग्धों के सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने का इंतजार किए बिना ही उन्हें होम क्वारंटीन रहने के निर्देश देकर घर भेज रहा था। इसके चलते कई लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। गांव में रहने के चलते रिपोर्ट आने के बाद उन गांवों को सील किया गया। स्वास्थ्य विभाग की इसी कार्यशैली के चलते पूर्व में मुरादपुर, बागपुर, भैंसरोली, रकरा, गोविंदेपुर, नगला गुरुबक्श, टिकुरी, नगला गबे, औंडेय आदि गांव हॉटस्पॉट बने और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई।