मैनपुरी। जिला अस्पताल स्थित जीरियाटिक वार्ड के बाहर मंगलवार को सुबह दस बजे स्वास्थ्यकर्मियों की कतार लगी थी। यहां तैनात पुलिसकर्मी थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही पहचान पत्र देखकर उन्हें प्रवेश दे रहे थे। प्रवेश द्वारा के ठीक अंदर बने वेटिंग एरिया में सभी स्वास्थ्यकर्मियों को बैठाया गया। यहां से एक के बाद एक को प्रवेश देते हुए उनके नाम और पते का सत्यापन करने के साथ-साथ किसी बीमारी से पीड़ित होने की भी जानकारी ली गई। पास ही स्थित टीकाकरण क्षेत्र में वैक्सीनेटर ने स्वास्थ्यकर्मी की पूरी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने के बाद उसे कोरोना का प्रतीकात्मक टीका लगाया। टीकाकरण के बाद संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को निगरानी वार्ड में आधे घंटे तक रखने के बाद घर भेजा दिया गया।
ये पूरा नजारा मंगलवार को कोरोना टीकाकरण के ड्राई रन का था। इसमें टीकाकरण की तरह ही सभी कार्य किए गए, लेकिन केवल टीका प्रतीकात्मक रूप से लगाया गया। जिले में कुल छह स्थानों पर ये पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें शहरी क्षेत्र में जिला अस्पताल, अर्बन पीएचसी आगरा रोड और दयानिधि हॉस्पीटल राधारमन रोड को केंद्र बनाया गया था। ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी, जागीर और करहल का चयन किया गया था। प्रत्येक केंद्र पर प्रतीकात्मक टीका लगवाने वालों की संख्या अलग-अलग रही।
कुछ छह केंद्रों पर 142 लोगों का टीकाकण किया गया। जिला अस्पताल में डॉ. आरके सागर की देखरेख में 25 में से 24, अर्बन पीएचसी पर डॉ. एसपी सिंह की देखरेख में 29 में से 26, दयानिधि हॉस्पीटल में डॉ. पपेंद्र कुमार की देखरेख में 25 में से 22, किशनी सीएचसी पर डॉ. संजीव राव बहादुर की देखरेख में 25 में से 22, करहल सीएचसी में डॉ. राकेश कुमार की देखरेख में 26 में से 26 और जागीर सीएचसी पर डॉ. जीपी शुक्ला की देखरेख में 25 में से 25 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रतीकात्मक टीका लगाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके पांडेय ने करहल सीएचसी को छोड़कर अन्य पांच केंद्रों का निरीक्षण कर कोरोना ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) का जायजा लिया। डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ की टीम भी लगातार निरीक्षण करती रही। डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि विकास सिंह और प्रदीप यादव ने सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं देखीं। सीएमओ के साथ निरीक्षण के दौरान रवींद्र सिंह गौर, डॉ. अनिल यादव, संजीव वर्मा, आमिर अली, संजीव पांडेय, शैलेंद्र पाल सिंह, संजय पंकज शर्मा, विकास सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
बीमार और गर्भवती को नहीं लगा टीका
जिला अस्पताल स्थित केंद्र में कोरोना के प्रतीकात्मक टीके लिए पहुंची एक एएनएम को टीका नहीं लगाया गया। दरअसल जांच के दौरान उसने कोल्ड डायरिया होने की बात कही। इसके बाद यहां मौजूद टीम ने कोरोना टीका न लगाने का निर्णय लिया। इसी तरह अर्बन पीएचसी पर पहुंची एक महिला स्वास्थ्यकर्मी के गर्भवती होने की जानकारी होने पर उसे भी टीका नहीं लगाया गया।
ये रहे टीम में शामिल
प्रत्येक कोरोना टीकाकरण केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारियों के अलावा दो पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। इसमें जिला अस्पताल स्थित केंद्र पर वैक्सीनेटर आरती कुमारी, सत्यापनकर्ता स्वराज कुमारी, मोबिलाइजर सुनील देवी और सहयोगी सरिता तैनात रहीं। इसी तरह सभी केंद्रों पर स्टाफ ने सफलता पूर्वक कोरोना के पूर्वाभ्यास को अंजाम दिया। क्षेत्रीय उप जिलाधिकारियों ने भी इसकी मॉनीटरिंग की।
कोरोना का ड्राई रन पूर्ण रूप से सफल रहा। सभी जगह सफलता पूर्वक नियमानुसार जांच पड़ताल के बाद कोरोना का प्रतीकात्मक टीका लगाया गया। वास्तविक टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ।