मैनपुरी। उद्यान विभाग की मांग के सापेक्ष शासन से मैनपुरी को 60 प्रतिशत यानी एक हजार क्विंटल आलू का बीज ही दिया है। ऐसे में आलू बीच के लिए आवेदन करने वालों किसानों को शत प्रतिशत बीज नहीं मिलेगा।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। उद्यान विभाग से हर साल किसानों को आलू का नया बीज उपलब्ध करवाता है। इस बार भी आलू के बीज के लिए उद्यान विभाग ने आवेदन मांगे थे, साथ ही शासन को सोलह सौ क्विंटल आलू के बीज के लिए मांग भेजी थी। पहले ही जहां बढ़ी हुई कीमतों से किसान परेशान थे, वहीं अब आलू के बीज का शासन से कम आवंटन होने पर उन्हें एक और झटका लगा।
मांग के सापेक्ष जिले को केवल एक हजार क्विंटल आलू के बीच का आवंटन किया गया है। इसमें से भी 10 प्रतिशत सूख काटकर जिले को 900 क्विंटल आलू ही भेजा जाएगा। इसका किसानों को वितरण किया जाना है। बीते वर्ष शासन से जिले को 2200 क्विंटल आलू का आवंटन किया गया था।
इसके सापेक्ष उद्यान विभाग ने 1725 क्विंटल आलू का किसानों को वितरण किया था। किसानों के आवेदन कि अगर इस वर्ष बात करें तो 400 से अधिक किसानों ने ढाई हजार क्विंटल आलू के बीज के लिए आवेदन किया है। ऐसे में सभी किसानों को आलू का बीज मिल पाना संभव नहीं हो सकेगा। इसके लिए उद्यान विभाग ने पहले पंजीकरण कराने वालों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। बाद में अगर वह आलू का बीज नहीं लेते हैं तो दूसरे किसानों को मौका दिया जाएगा।
पूरा देना होगा मूल्य, नहीं मिलेगा अनुदान
बीते वर्ष आलू का बीज लेने वाले किसानों को शासन की ओर से 1000 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दिया गया था। इसके चलते 2750 रुपए प्रति कुंटल आलू की कीमत के सापेक्ष किसानों को 1750 रुपये प्रति क्विंटल का ही भुगतान करना पड़ा था। इस बार किसानों को अनुदान का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में उन्हें प्रथम आधारी बीज के लिए 3150 रुपये प्रति क्विंटल और द्वितीय आधार बीज के लिए 2675 रुपये प्रति क्विंटल का रेट देना होगा। वहीं ओवरसाइज प्रथम आधारित बीज के लिए 2455 रुपये प्रति क्विंटल और द्वितीय ओवरसाइज आधारित बीज के लिए 2395 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कीमत चुकानी होगी।
आलू की इन प्रजातियों का मिलेगा बीज
उद्यान विभाग को इस बार शासन से कुल 1000 क्विंटल आलू का बीज आवंटित किया गया है। इसमें कुफरी बाहर का 400 क्विंटल, कुफरी सदाबहार का 200 क्विंटल, कुफरी ख्याति का 30.50 क्विंटल, कुफरी चिप्सोना का 200 क्विंटल, कुफरी गरिमा का 19.50 क्विंटल और कुफरी सूर्या का 150 क्विंटल भी शामिल है। वही मांग के बावजूद शासन से किसानों के बीच प्रचलित कुफरी मोहन आलू का बीज जिले को नहीं मिल सका।
जिले को मांग के सापेक्ष केवल 1000 क्विंटल आलू के बीच का ही आवंटन किया गया है। ऐसे में सभी किसानों को आलू का बीज मिलना संभव नहीं हो पाएगा। जिन किसानों ने बीते वर्ष उद्यान विभाग से आधारित बीज प्राप्त किया था वह उसकी बुवाई कर सकते हैं। जल्दी आलू का बीज जिले में आने के बाद वितरण शुरू कराया जाएगा। - अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, मैनपुरी