मैनपुरी। लॉकडाउन चार के पहले दिन से ही प्रशासन प्रवासी मजदूरों की मॉनीटरिंग कर रहा है। आने जाने वाले हर मजदूर का डाटा प्रशासन एकत्रित कर रहा है। इससे पता चला है कि जिले में सर्वाधिक प्रवासी मजदूर गुजरात से आए हैं। संक्रमितों की संख्या भी सर्वाधिक इनमें ही है।
तीन मई से जिले की सीमाओं पर तैनात पुलिस बल बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को रोककर उन्हें आश्रय स्थल भेजता रहा है। यहां स्क्रीनिंग के बाद उन्हें रवाना किया जा रहा है। लॉकडाउन-4 में अब तक लगभग पांच हजार मजदूर जिले में आ चुके हैं। इसमें से कुछ प्रदेश के जिलों से लौटे हैं तो अन्य प्रदेशों से आए।
गुजरात से जिले में अब तक सर्वाधिक 2760 प्रवासी मजदूर लौटे हैं। दूसरे नंबर पर राजस्थान है। यहां से जिले में 839 मजदूर आए। दमन और तमिलनाडु से केवल एक-एक व्यक्ति ही मैनपुरी आया। प्रशासन ने अन्य जिलों के मजदूरों को बसों के माध्यम से उनके घर भेज दिया। जिले में रहने वाले मजदूरों को होम क्वारंटीन किया गया है।
गुजरात से लौटे आठ मिले पॉजिटिव
जिले में आठ ऐसे लोग संक्रमित मिल चुके हैं, जो गुजरात के अहमदाबाद से आए थे। इसमें नवीगंज के दो, नगला शीश के चार, किशनी के गांव सौनासी का एक और जागीर के गांव सगामई का एक व्यक्ति शामिल है।
प्रदेशों से आने वाले मजदूरों पर एक नजर
गुजरात-2760
तमिलनाडु-1
महाराष्ट्र-215
राजस्थान-839
मध्यप्रदेश-36
दिल्ली-135
हरियाणा-639
कर्नाटक-25
झारखंड-03
उड़ीसा-02
दमन-01
चंडीगढ़-09
आंध्रप्रदेश-21
हैदराबाद-20
बिहार-11
उत्तराखंड-3
पंजाब-141
छत्तीसगढ़-04
तेलंगाना-02
प. बंगाल-03
स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन
जो भी प्रवासी मजदूर जिले में आ रहे हैं, उनकी स्क्रीनिंग के बाद उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। यदि वे अन्य जिलों के हों तो उन्हें उनके जिले में भेजा जा रहा है। लक्षण मिलने पर मजदूरों को भोगांव स्थित क्वारंटीन सेंटर में रखा जा रहा है।
-नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।