कासगंज। समाजशास्त्र विभाग ने वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार के माध्यम से भारतीय समाज की संरचना और विकास में कोविड-19 के पश्चात होने वाले परिवर्तनों का आकलन मुद्दे, चुनौतियां एवं समाधान पर मंथन किया गया । मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्व विद्यालय के वाइस चांसलर अशोक मित्तल ने कहा इस समय पूरा संसार कोरोना महामारी की चपेट में आया हुआ है। अभी तक इस महामारी का कोई इलाज संभव न हो पाने से इस इस पर अंकुश लगना भी एक चुनौती है। वर्तमान परिस्थितियों देखते हुए हम सभी को कोरोना के साथ रहने की आदत डालनी होगी।
यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम अपने को इस महामारी की चपेट में आने से किस तरह से बचाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज व्यवस्था और पश्चिमी समाज व्यवस्था में काफी अंतर है भारतीय समाज व्यवस्था काफी मजबूत है। केए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बीके तोमर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा असर गरीब मजदूरों पर पड़ा है। सरकार को उनके उत्थान के लिए ठोस नीतिगत प्रयास करने चाहिए। वेबिनार मुख्य संयोजक एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग डॉक्टर रानू शर्मा ने सभी का आभार जताया ।
इस दौरान उच्चतर शिक्षा आयोग के सदस्य प्रोफेसर आरएन त्रिपाठी ,विख्यात लेखक प्रोफेसर बीके बागला ,इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस आगरा के प्रोफेसर मोहम्मद अरशद, लखनऊ डीएवी पीजी कॉलेज लखनऊ के विभागाध्यक्ष संजय तिवारी, पंजाब यूनिवर्सिटी ह्यूमन राइट्स एंड ड्यूटीज चेयर पर्सन डॉ. नमिता गुप्ता, के आर कॉलेज मथुरा प्रोफेसर एससी सक्सेना कमला नेहरू कॉलेज दिल्ली असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्चना प्रसाद, वर्धमान कॉलेज बिजनौर विभागाध्यक्ष डॉ. अलका साहू, आरजीपीजी कॉलेज मेरठ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रजनीश श्रीवास्तव श्री वार्ष्णेय कॉलेज अलीगढ़ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्णा अग्रवाल, शासकीय मीरा गर्ल्स कॉलेज उदयपुर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर श्रुति टंडन, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश राणा, जहान्वी शर्मा आदि मौजूद रहे।