कासगंज। कोरोना अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से शनिवार देर शाम दो युवक भाग गए। भनक लगने पर चिकित्साकर्मियों ने दोनों युवकों को सोरों रोड से पकड़ लिया। जिस समय युवक भागे उस समय वहां पुलिस तैनात नहीं थी। जिससे सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो गया। हालांकि पुलिस अधिकारी इसे जांच का विषय मान रहे हैं।
दो दिन पहले कोरोना अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दो संदिग्धों को रखा गया है। जिनके सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए। जब रिपोर्ट निगेटिव होने की जानकारी दोनों युवकों को मिली तो शनिवार देर शाम आइसोलेशन वार्ड से किसी तरह बाहर निकल आए और अस्पताल से भाग गए।
जानकारी होने पर चिकित्साकर्मी उनके पीछ़े दौड़े और सोरों-बरेली रोड से दोनों युवकों को पकड़ लिया। बाद में इन्हें कोरोना अस्पताल ले जाया गया। जहां से इन्हें एंबुलेंस से घर भेजकर क्वारंटीन करा दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि वह इस अवधि में घर से बाहर नहीं निकलें। उनके परिवार के सदस्य भी क्वारंटीन रहेंगे।
दोनों युवकों ने अस्पताल से भागकर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि जिला अस्पताल पर दो उपनिरीक्षक, चार सिपाहियों की तैनाती निगरानी के लिए है, लेकिन शनिवार शाम वहां पुलिस तैनात नहीं थी।
- यह जांच का विषय है कि दो युवक क्वारंटीन वार्ड से किस तरह भाग गए। उस समय अस्पताल पर कौन पुलिसकर्मी अस्पताल पर तैनात थे। उनकी क्या लापरवाही रही। यह सब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। जो पुलिसकर्मी जहां तैनात हैं। वहां कड़ी निगरानी करें। - आरके तिवारी, सीओ सिटी।
- रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद युवकों ने समझा कि उन्हें घर जाने की छूट है। इसलिए वह अस्पताल से बाहर निकल गए थे। छुट्टी देकर एंबुलेंस से उन्हें घर भेजा गया और वहीं क्वारंटीन कराया गया है। - डॉ. राजकिशोर, सीएमएस।