संक्रमित होने पर सर्विलांस टीम मरीजों के यहां जाकर केस हिस्ट्री तैयार करेगी, इसमें उनको बीमारी के बारे में पूछा जाएगा, क्या किसी बीमारी का अभी इलाज भी चल रहा है, इस जानकारी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
5454 मरीज पा चुके हैं होम आइसोलेशन की सुविधा
अगस्त में संक्रमित मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू की गई थी। इसमें अभी तक 5454 लोग लाभ ले चुके हैं। इसमें से 478 लोग अभी होम आइसोलेशन में हैं और 4976 मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।
अस्पताल में भर्ती होंगे बच्चे-बुजुर्ग और बीमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि बीमार, बच्चे और बुजुर्गों को होम आइसोलेशन में न रखकर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यह कदम मरीजों की बेहतरी के लिए है। इससे उनकी बेहतर देखभाल हो सकेगी, तबियत बिगड़ने पर तत्काल इलाज भी मिल सकेगा।