आगरा में महिलाओं में कोरोना संक्रमण की दर बढ़ी है। मार्च में जहां दो महिलाएं संक्रमित मिली थीं, वहीं जुलाई में 211 महिलाएं पॉजिटिव पाई गई हैं। यह चिंताजनक इसलिए भी है कि जून के मुकाबले संक्रमण की दर करीब दो गुना है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और स्वास्थ्य विभाग ने इस पर चिंता जताई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि महिलाओं में संक्रमण की बढ़ती दर से परिवार में सामूहिक संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ गया है।
कोरोना वायरस की शुरुआत में मार्च में दो महिलाएं संक्रमित पाई गई थीं। अप्रैल में इनकी संख्या 120 पहुंच गई, जबकि पुरुषों की संख्या 321 थी। मई में संक्रमण की दर बढ़ी और 303 पुरुषों के मुकाबले 136 महिलाओं में वायरस की पुष्टि हुई। जून की बात करें तो संक्रमण की दर कम हुई और 264 पुरुषों के मुकाबले 116 महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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जुलाई में महिलाओं के संक्रमण का आंकड़ा तेजी से बढ़ा। जून के मुकाबले लगभग दो गुनी महिलाएं संक्रमित पाई गई। इस महीने में 211 महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जबकि पुरुषों की संख्या 363 रही। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगस्त में भी महिलाओं में संक्रमण की दर यही रहने की आशंका है।
जुलाई तक की स्थिति
कुल नमूने: 54424
कुल संक्रमित: 1846
कुल पुरुष: 1261
कुल महिलाएं: 585
परिवारों में सामूहिक संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि परिवारों में सामूहिक संक्रमण के मामले जून में आना शुरू हुए। सप्ताह में दो-तीन परिवारों में दो से अधिक सदस्य संक्रमित मिले। जुलाई में रोजाना तीन से चार परिवारों में संक्रमण के मामले मिलने लगे। इसमें सबसे पहले पुरुष उसके बाद पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई समेत अन्य परिजन शामिल हैं।
महिलाओं में संक्रमण की बढ़ती दर चिंताजनक: डॉ. आरसी पांडेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि महिलाओं में संक्रमण की बढ़ती दर चिंताजनक हैं। स्वास्थ्य सर्वे के दौरान घनी आबादी में महिलाएं झुंड में बातचीत करतीं, ठेल-ढकेल पर बिना सावधानी के सामूहिक रूप से खरीददारी करते पाई गईं। टीम ने उनको जागरूक किया, महिलाओं से अपील है कि वायरस की गंभीरता को समझें और झुंड में खरीदारी-बातचीत न करें।
बेवजह बाहर नहीं निकलें, मास्क पहनें: डॉ. आरएम पचौरी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि महिला संक्रमित होती है तो परिवार की व्यवस्था बिगड़ेगी। अस्पतालों और बाजारों में बेवजह न जाएं। खरीददारी के वक्त अधिकांश मास्क का उपयोग नहीं करतीं। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। घर का कोई सदस्य बिना मास्क के बाहर जाए और हाथों को सैनिटाइज किए बिना घर में घुसता है तो उसे टोकें और समझाएं।
यह बरतें सावधानी
- कार्यालय या फिर बाजार से लौटने के बाद कपड़ों को धोएं।
- हाथों को पूरी तरह से साफ करें, उसके बाद ही किसी को छुएं।
- मास्क पहनने वाले विक्रेताओं से ही सब्जी और फल खरीदें।
- ठेल-ढकेल को घेरकर न खड़े हों, एक मीटर की दूरी से खरीदारी करें।
- पांच से सात दिन का सामान एक बार ही खरीद कर रख लें।
- बच्चों को बाहर झुंड में न खेलने दें, खुद भी झुंड में बातचीत न करें।
- पार्क में जाते वक्त मास्क और दूरी से बात करने की आदत डालें।
- पति या परिजन बिना मास्क के घर से बाहर जाएं तो महिलाएं टोकें।