कासगंज। जिला में कोरोना से मौत के मामले में आश्रितों के आवेदन से सरकारी आंकड़ों की पोल खुल गई है। विभाग के रिकॉर्ड में तीनों लहर में 55 मौतें दर्ज हैं, जबकि 62 मृतकों के आश्रित अब तक मुआवजा ले चुके हैं। अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
कोरोना की दस्तक जिले में मार्च 2020 में शुरू हो गई थी। इस लहर में जिला के बढ़ी संख्या में लोग चपेट में आए, लेकिन जिले के किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। दूसरी लहर ने जिले में काफी तांडव मचाया। जिला अस्पताल, मिशन अस्पताल के अलावा बढ़ी संख्या में लोग बाहरी जनपदों में इलाज के दौरान मौत के आगोश में समा गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 53 लोगों की मौत ही दर्ज है। जबकि दो लोग तीसरी लहर में मरे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजन को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इसके बाद लोगों द्वारा अपने आवेदन करना शुरू कर दिए। दूसरी लहर में मौत के आगोश में समाए 62 लोगों के परिजन ने अपने आवेदन करने के बाद मुआवजा प्राप्त कर लिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग के दूसरी लहर में 53 लोगों की मौत के दावों की पोल खुल गई है।
अभी भी तमाम लोग जुटे हैं औपचारिकता पूरी करने में
कासगंज। कोरोना से मौत के मामले में मिलने वाले मुआवजे के लिए आवेदक को अपना वारिसान प्रमाणपत्र भी लगाना होता है। इसके बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर आवेदन को जांच के बाद मुआवजा की राशि दी जाती है, जिससे तमाम लोग ऐसे हैं, जो इन औपचारिकताओं को पूरा करने में लगे हुए हैं। इसके कारण आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
एंटीजन, आरटीपीसीआर रिपोर्ट के आधार पर भी हो सकता है आवेदन
कासगंज। जिन परिवारों ने कोरोना से अपनों को खोया है। वह आरटीपीसीआर या एंटीजन जांच रिपोर्ट के आधार पर भी अपना आवेदन कर सकते हैं। भले ही उनके पास मौजूद मृत्यु प्रमाणपत्र में कोराना से मौत होना न दर्शाया गया हो। उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
जिला में कोरोना से मौत के मामले मेें मुआवजे के लिए 62 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद मामले सही पाए जाने के बाद सभी आवेदकों को निर्धारित धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। - एके श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी