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CoronaVirus in Agra: 19 नए मरीज, अब तक 167 संक्रमित, सात चिकित्सक भी चपेट में

Thu, 16 Apr 2020 09:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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कोरोना वायरस - फोटो : social media
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उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के सबसे बड़े हॉटस्पॉट आगरा में संक्रमण के मामले थम नहीं रहे हैं। बुधवार को 19 और मरीज मिले। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने देर रात इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 167 हो गई है।

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अब पारस हॉस्पिटल से जुड़े 24, फतेहपुर सीकरी के 23 और घटिया स्थित डॉ मित्तल के संपर्क में आए पांच केस हो गए हैं। संक्रमित जमातियों की संख्या 76 से अधिक है। अब तक जिले में 2989 नमूने लिए गए। इनमें बुधवार को 209 नमूने लिए गए। इससे पूर्व मंगलवार को छह लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। 

आगरा जिले में अप्रैल माह में तेजी से कोरोना संक्रमण फैला है। मार्च माह में 12 मामले थे, जो अप्रैल में 167 हो गए। यानी 15 दिनों में 155 नए मरीज मिले। औसत देखा जाए तो हर दिन 10 से अधिक कोरोना मरीज मिल रहे हैं। जमातियों के बाद अब निजी अस्पताल जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गए हैं। 
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पूल टेस्टिंग होगी

आगरा के हॉटस्पॉट में बफर जोन से लिए नमूनों की पूल टेस्टिंग होगी। पांच-पांच नमूनों का पूल बनाया गया है। कुल 100 नमूने लिए गए हैं। हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर के रेड जोन के बाद के दो किलोमीटर के क्षेत्र को बफर जोन कहा जाता है। बफर जोन में रहने वाले सभी लोगों के नमूने लेकर जांच की जाएगी।

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सात चिकित्सक भी कोरोना की चपेट में

जिले में बीमारियों का इलाज करने वाले चिकित्सक भी कोरोना की चपेट में आते जा रहे हैं। अब तक सात चिकित्सक संक्रमित हो चुके हैं। इनमें तीन सरकारी और चार प्राइवेट चिकित्सक शामिल हैं। सात डॉक्टरों में से तीन को कोरोना वायरस अपने परिजनों से मिला है। 

इसमें नामनेर क्षेत्र में स्थित चिकित्सक पिता और बेटा, वाटर वर्क्स क्षेत्र निवासी हड्डी रोग विशेषज्ञ को अमेरिका से लौटे बेटे से हुआ। घटिया आजम खां और छत्ता क्षेत्र के चिकित्सकों को उनके मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमण हुआ। 

एसएन मेडिकल कॉलेज के दो चिकित्सक और सैंया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक भी मरीजों के संपर्क में आने से चपेट में आए हैं। यह सभी अभी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। इन सात में से नामनेर स्थित अस्पताल के चिकित्सक पिता-पुत्र का गुरुग्राम के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि मरीजों के इलाज में जुटे चिकित्सकों को अपनी सुरक्षा भी चुनौती बन गई है। अब किस मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि हो जाए, यह कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में चिकित्सकों को सुरक्षा संसाधनों की पूरी व्यवस्था की जाए।
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