मैनपुरी। सरकार की मध्यान्ह भोजन योजना के तहत जिले के एक लाख इक्यावन हजार छात्र-छात्राओं को कन्वर्जन कॉस्ट की धनराशि भेजी जा रही है। सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक सात करोड़ की धनराशि बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापकों के खातों में भेज दी है।
कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हैं। जिसके चलते छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन नहीं मिल पा रहा है। शासन ने छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन के बदले में राशन उपलब्ध करा दिया है। अब भोजन को तैयार करने में लिए प्रयोग की जाने वाली कन्वर्जन कॉस्ट को छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों के खातों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के छात्र-छात्राओं को सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक की कन्वर्जन कॉस्ट को भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के मध्यान्ह भोजन योजना से अच्छादित स्कूलों के प्रधानध्यापकों के खातों में सात करोड़ की धनराशि भेजी है।
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खाते सत्यापित कर शीघ्र स्थानांतरित करें धनराशि
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों के खातों का सत्यापन कर उन्हें प्रेरणा पोर्टल पर फीड करें। संबंधित खातों में उनके हिस्से की धनराशि को स्थानांतरित कर रिपोर्ट उनके कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
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प्राथमिक में 124 और उच्च प्राथमिक में 138 दिनों की मिलेगी धनराशि
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक प्राथमिक विद्यालयों में 124 कार्य दिवस के लिए कन्वर्जन कॉस्ट जारी की गई। जिसमें एक बच्चे के हिस्से में 685 रुपये पड़ेंगे। वहीं उच्च प्राथमिक वर्ग के लिए 138 कार्य दिवस बन रहे हैं जिसमें एक बच्चे के हिस्से में 923 रुपये पडे़ंगे।
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शासन के निर्देश पर कन्वर्जन कॉस्ट को छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ही सभी छात्र-छात्राओं के खातो में धनराशि भेज दी जाएगी।
विजय प्रताप सिंह बीएसए