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रामायण से पहले जनकपुरी में क्यों छिड़ गई महाभारत, क्या जमीन हड़पने की है साजिश

Wed, 19 Sep 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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जनकपुरी में निर्माणाधीन महल। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के विजय नगर में प्रस्तावित जनकपुरी महोत्सव में रार थम नहीं रही है। एक और विकास कार्यों को लेकर खींचतान मची है तो दूसरी ओर जनक महल भी विवादों के घेरे में है। विजय नगर के लोग ही आशीष गार्डन पैलेस में जनक महल के निर्माण का विरोध करने लगे हैं। कुछ लोगों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि जनक महल की आड़ में वहां बहुमंजिला इमारत बनाने का रास्ता साफ किया जा रहा है।

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पार्षद धर्मवीर सिंह का कहना है कि जनक महल बनाने के लिए और विकल्प सुझाए गए थे लेकिन विधायक जगन प्रसाद गर्ग की जिद की वजह से आशीष गार्डन पैलेस में जनक महल बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह संपत्ति विवादित है। पहले यहां विवाह समारोह आयोजित किये जाते थे लेकिन कोर्ट के आदेश पर यहां विवाह समारोह आयोजित करने पर रोक है।
 

उन्होंने कहा कि संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर भी विवाद है। क्षेत्र में इस तरह की भी चर्चा है कि इस जमीन पर बहुमंजिला इमारत बनाने की तैयारी है। जनकपुरी आयोजन की आड़ में पीछे की दीवार को तोड़कर इमारत के लिए बड़ा फ्र्रंट बनाने की तैयारी है। दरअसल, वहां एक प्राचीन मंदिर है इसकी वजह से दीवार तोड़ पाना मुश्किल हो रहा है।

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चावल वाला बाग था आशीष पैलेस

विजय नगर निवासी राजेश कृष्ण शर्मा बताते हैं कि यह संपत्ति वजीरपुरा और सुल्तानगंज के जमींदार की थी। आशीष गार्डन और पैलेस चावल वाले बाग के नाम से जाना जाता था। यहां बाहर सार्वजनिक शिव मंदिर था और कुआं था। गार्डन में भी मंदिर था, जो जमींदार का निजी मंदिर बताया जाता था। 1955-60 के बीच इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने यहां विजय नगर कालोनी बसाने को जमीन का अधिग्रहण किया था। आशीष पैलेस और गार्डन की जमीन पर जमींदार का अधिकार रहा। जमींदार की पत्नी विद्यावती की मृत्यु के बाद पैलेस और गार्डन का मालिकाना हक बदलता गया। बाहर की जमीन भी सरकारी है।
 

खुफिया विभाग भी नहीं है संतुष्ट

क्षेत्रीय पार्षद नेहा गुप्ता का कहना है कि खुफिया भी आशीष पैलेस गार्डन में जनक महल बनाने को लेकर संतुष्ट नहीं है। आमतौर पर जनक महल के पीछे ही अग्निशमन विभाग की दमकल खड़ी की जाती है लेकिन यहां इतना स्थान नहीं है कि दमकल भी खड़े हो सके। पार्षद धर्मवीर सिंह का कहना है कि यहां पहले शादी समारोह होते थे तब एक से डेढ़ हजार की भीड़ में ही यहां पैर रखने की जगह नहीं होती थी। इस समारोह में तो लाखों की संख्या में लोग आएंगे। उनकी सुरक्षा को लेकर खुफिया विभाग परेशान है। खुफिया विभाग ने जमीन के विवाद की भी रिपोर्ट दी है।

एडीए ने भी निरस्त कर दिए टेंडर

विकास कार्यों को लेकर हो रहे टकराव का असर यह हुआ कि रविवार को विकास प्राधिकरण ने करीब 1.33 करोड़ रुपये विकास कार्यों के टेंडर जारी किए थे लेकिन समिति में चल रही महाभारत और एक पक्ष की ओर से मिले पत्र के बाद प्राधिकरण ने सोमवार को टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। नगर निगम ने अभी तक टेंडर जारी नहीं किए हैं। अभी तक न तो विकास कार्यों वाले विभागों ने वहां का दौरा किया है और न ही पुलिस और प्रशासन ने जिनके जिम्मे पूरे आयोजन की सुरक्षा है। हालांकि अब बुधवार को शाम चार बजे मेयर नवीन जैन के नेतृत्व में अधिकारियों का दौरा प्रस्तावित है।

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- बड़ी शर्मनाक बात है कि जिन भगवान राम का नाम लेकर भाजपा के नौ विधायक, दो सांसद, मेयर और नगर निगम सदन में बहुमत प्राप्त किया। प्रदेश में उनकी सरकार है और देश में उनकी सरकार है बावजूद इसके राम के काम विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं। भाजपा के नेता तो अपने स्वार्थों की पूर्ति में लगे हैं। विवादित स्थल पर जनक महल का निर्माण कराया जा रहा है।

धर्मवीर सिंह, बसपा पार्षद

- विकास कार्यों को लेकर यहां मनमानी हो रही है। विकास समिति का अध्यक्ष मुझे बनाया गया है और मेरी ही कोई बात नहीं सुनी जा रही है। क्षेत्र की जनता आयोजन से जुड़ नहीं रही है। जहां मंच बनाया जा रहा वहां विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और वहां से दो किमी दूर की सड़क का नाम लिस्ट में है।

नेहा गुप्ता, पार्षद भाजपा

- किसी को कुछ पता नहीं है क्या हो रहा है। न तो कोई रूट फाइनल हुआ है और न ही विकास कार्यों की कोई लिस्ट बनी है। विधायक जगन कह देते हैं चंदा लेकर आओ, मैं सब देख लूंगा। आशीष पैलेस में बन रही जनक मंच मुफीद नहीं है। यहां सांप निकलते हैं। भीड़ में हादसा हो सकता है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।

विनय मित्तल, सदस्य जनकपुरी विकास समिति

- जनक महल के लिए सबसे उपयुक्त जमीन है। हम कोई दीवार नहीं तोड़ेंगे। एक ईंट नहीं हटाई जाएगी। विवाद से इस आयोजन का क्या लेना देना। पेड़ लगे हैं, किसी भी पेड़ को छुआ नहीं जाएगा। कहने वाले तमाम बातें कर रहे हैं। वहां क्या बनेगा, क्या नहीं। फिलहाल तो वहां भगवान श्रीराम के विवाह का भव्य समारोह होगा। सभी कार्य समय पर होंगे।

जगन प्रसाद गर्ग, विधायक (अध्यक्ष मंडल के सदस्य)

 

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