उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 में शानदार प्रर्दशन करते हुए सपा ने 37 सीटें हासिल की। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कन्नोज से चुनाव जीता। ऐसे में उन्होंने करहल विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद यहां से उपचुनाव होना है, जिसे लेकर किसी सैफई परिवार के सदस्य की ही यहां से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है।
मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट के लिए जोर आजमाइश शुरू हो गई है। चुनाव लड़ने के दावेदार शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करने में जुट गए हैं। सपा और भाजपा दोनों ही मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि प्रत्याशियों के नाम तो चुनाव की घोषणा होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे करहल सीट से 2022 में विधायक चुने गए थे। ऐसे में अब करहल सीट पर उप चुनाव होना तय है। सपा और भाजपा दोनों ही दलों से टिकट पाने के लिए दावेदारों ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। अंदरखाने दावेदार शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करने के लिए लखनऊ के चक्कर लगा रहे हैं। वे अपनी मजबूती और विरोधी दल की कमजोरी का भी गुणा-भाग शीर्ष नेताओं को समझाने में जुटे हुए हैं।
सपा की अगर बात करें तो यहां सैफई परिवार से ही प्रत्याशी उतारे जाने की चर्चाएं जोरो पर हैं। वहीं भाजपा में इस बार स्थानीय नेता को ही चुनाव लड़ाने की सुगबुगाहट तेजी से चल रही है। करहल खास की अगर बात करें तो यहां पूर्व चेयरमैन संजीव यादव भी अपनी दावेदारी कर रहे हैं। 2022 के चुनाव में भी उनकी दावेदारी प्रबल मानी जा रही थी, लेकिन एन वक्त पर अखिलेश यादव का नाम सामने आने के बाद भाजपा ने यहां प्रत्याशी बदल दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को भाजपा ने करहल सीट से उतारा था।