कार के इंजन की कई बार मरम्मत कराने के बाद भी कंपनी कमी दूर नहीं कर सकी। सुनवाई न होने पर वादी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने मेसर्स विमल कार्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स रेनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई से कार का नया इंजन बदलने के साथ वाद व्यय के 15 हजार रुपये देने के आदेश दे दिए। पालन नहीं करने पर विपक्षियों को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 4.76 लाख रुपये अदा करने होंगे।
कमला नगर निवासी अंशुल गुप्ता ने अधिवक्ता माध्यम से आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि उन्होंने 2016 में कार खरीदी थी। समय-समय पर कंपनी के अधिकृत वर्कशाप पर कार की सर्विस कराते थे। 24 जनवरी 2024 को वह कार की सर्विस कराने गए थे।
वहां कर्मचारियों ने जांच के बाद कमियां दूर करने के नाम पर 3 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाया। दूसरे दिन 25 जनवरी को वह कार लेने पहुंचे। सर्विस इंचार्ज कार का टेस्ट ड्राइव करने गए। रास्ते में कार का इंजन तेज आवाज के साथ बंद हो गया। कार को धक्का देकर वर्कशॉप पर ले गए। 31 जनवरी 2024 को फिर से 93 हजार रुपये एस्टीमेट बता दिया। तब उन्होंने परेशान होकर वाद दायर किया था।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने विपक्षी गण को आदेशित किया कि वह वादी की कार में नया इंजन लगा कर दें। साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में 15 हजार रुपये अदा करें। आदेश का पालन नहीं करने पर वादी 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 4,76,894 रुपये देने होंगे।