सिकंदरा चौराहे पर एलीवेटेड रोड बनाने की राह में एएसआई ने रोड़ा अटका दिया है। चौराहा ठीक अकबर के मकबरे के सामने है। अकबर टूम के साथ कांच महल और लोदी का मकबरा भी इसी परिसर में है। एलीवेटेड रोड एक नहीं, बल्कि तीन संरक्षित स्मारकों की प्रतिबंधित परिधि में आ रहा है। जहां अनुमति मुमकिन नहीं है। ऐसे में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नेशनल हाईवे अथारिटी को रोड चौड़ा करने का विकल्प दिया है। एलीवेटेड रोड से स्मारकों की दृश्यता भी बाधित हो जाएगी।
एएसआई संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर परिधि में कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता। हालांकि 200 और 300 मीटर परिधि में नेशनल मान्यूमेंट अथारिटी की अनुमति के बाद निर्माण संभव है। सिकंदरा चौराहे पर एलीवेटेड रोड महज 5 से 10 मीटर की दूरी पर प्रस्तावित है। इससे स्मारक की दृश्यता तो बाधित होगी ही, परिसर में ही मौजूद लोदी का मकबरा एलीवेटेड रोड के नीचे आ जाएगा। अष्टकोणीय मकबरे का एक कोण पहले ही हाईवे से सटा है। लोदी के मकबरे की दीवार से प्रस्तावित एलीवेटेड रोड पांच मीटर दूरी पर भी नहीं रहेगा।
फिपिक देशों के प्रमुखों की मेजबानी करने आगरा आए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री डा. महेश शर्मा कह चुके हैं कि सिकंदरा पर एलीवेटेड रोड के लिए अगर एएसआई एक्ट का उल्लंघन किया गया तो इसकी आड़ लेकर कई लोग कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं, इससे देश भर में एएसआई स्मारकों के पास निर्माण को लेकर दिक्कतें शुरू हो जाएंगी।