दयालबाग क्षेत्र में निर्माण करने वाले बिल्डरों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सोमवार को सुनवाई के दौरान इस क्षेत्र में 10 कॉलोनियों के जरिये सीधे यमुना में छोड़े जा रहे सीवेज और नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी के आगे निर्माण सामग्री व मलबा का ढेर लगाने वाले बिल्डर्स पर सख्ती की है। ग्रीन बेंच ने आदेश दिया कि सभी बिल्डर्स निर्माण मलबा तत्काल हटा लें। वहीं, नगर निगम और जल निगम से यमुना में सीधे जाने वाले सीवेज के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को याची व सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति के सदस्य डीके जोशी के मामले की सुनवाई की। इस दौरान ट्रिब्यूनल ने बिल्डरों को निर्देश दिए हैं कि वे कालोनी या बहुमंजिला इमारत के सामने से निर्माण सामग्री व मलबा हटा लें। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए)आगे से निर्माण मलबा हटाने के काम पर नजर रखेगा। वहीं ग्रीन बेंच ने सीवेज कनेक्शन पर आदेशों का पालन न करने वाली हर कॉलोनी और बिल्डर को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, एनजीटी ने एडीए से कहा है कि वह उन इलाकों की भी पहचान करे, जहां सीवेज कनेक्शन नहीं हैं। बेंच का यह आदेश एडीए की ओर से आदेशों का पालन न करने वाली कॉलोनियों और बिल्डर्स की सूची पेश करने के बाद आया है। सूची अत्यधिक स्पष्ट न होने के कारण ग्रीन बेंच ने प्राधिकरणों को फटकार भी लगाई।
इन बिल्डरों को निर्देश
निर्माण सामग्री व मलबा हटाने के मामले में बिल्डर्स की सूची में पुष्पांजलि हाइट्स, मंगलम एस्टेट, तनिष्क राजश्री, ताराचंद, अनूप अग्रवाल के नाम शामिल हैं।
यूपीपीसीबी करेगी संयुक्त जांच
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की ओर से पेश वकील ने बेंच को सूचित किया कि वह एक सप्ताह के भीतर संयुक्त जांच कर विश्लेषण के साथ रिपोर्ट ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करेंगे।
सूची में हैं इनके नाम
सोमवार को एडीए की ओर से ट्रिब्यूनल में सीवर कनेक्शन की अस्पष्ट स्थिति को लेकर पेश की गई सूची में इंद्रप्रस्थ, राहुल विहार, संत नगर, जयराम बाग, राहुल ग्रीन, ट्यूलिप पैराडाइज, अमर विहार, मैत्री बाग, फ्रेंड्स विहार कॉलोनी, और राधा बल्लभ इंटर कॉलेज के नाम हैं।
यमुना किनारे अवैध निर्माण का आरोप
मालूम हो कि एनजीटी डीके जोशी की याचिका पर लगातार सुनवाई कर रहा है। याचिका में कॉलोनियों और बिल्डर्स पर यमुना किनारे अवैध निर्माण और यमुना में बिना शोधन सीवेज डिस्चार्ज करने का आरोप है। एनजीटी इस मामले पर कई आदेश दे चुका है। वहीं हाल ही में सात आवासीय कॉलोनियों के आरडब्ल्यूए के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था।