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यूपी में सिपाही ने दी जान: आखिर किस बात से परेशान था आशीष? छुट्टी से लौटा, ड्यूटी पर तैनात हुआ और मार ली गोली

Sun, 13 Sep 2026 06:39 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आशीष वर्मा पुत्र त्रिभुवननाथ निवासी हीरापुरा, थाना निबोहरा वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के थाना धौलाना में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह थाने में पहरा ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसने अपनी सरकारी एसएलआर राइफल से गले में गोली मार ली।
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मृत सिपाही आशीष और विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के फतेहाबाद स्थित थाना निबोहरा क्षेत्र के हीरापुरा गांव निवासी सिपाही आशीष वर्मा (22) ने रविवार को हापुड़ जिले के धौलाना थाने में पहरा ड्यूटी के दौरान अपनी एसएलआर राइफल से गोली मार ली। गोली गले में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

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2025 में हुआ था भर्ती
आशीष वर्मा पुत्र त्रिभुवननाथ निवासी हीरापुरा, थाना निबोहरा वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी तैनाती हापुड़ जिले के थाना धौलाना में हुई थी। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह थाने में पहरा ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसने अपनी सरकारी एसएलआर राइफल से गले में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना अधिकारियों को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छुट्टी में भी गुमसुम रहा आशीष
16 अगस्त को छुट्टी पर घर आया था और तीन सितंबर को वापस ड्यूटी पर गया था। पिता त्रिभुवननाथ ने बताया कि आशीष मिलनसार स्वभाव का था। इस बार छुट्टी में वह न तो किसी दोस्त से मिलने गया और न ही बाहर निकला। वह गुमसुम रहता था। इस बारे में पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया। पिता स्वयं उसे ड्यूटी के लिए थाने तक छोड़कर आए थे। उस समय उन्हें ऐसा कोई अंदेशा नहीं था कि बेटा इतना बड़ा कदम उठा सकता है।

इस बार बदला हुआ था व्यवहार
ग्रामीणों के अनुसार आशीष जब भी छुट्टी पर घर आता था तो दोस्तों और परिचितों से जरूर मिलता था, लेकिन इस बार उसका व्यवहार बदला हुआ नजर आया। आशीष दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई संतोष 18 वर्ष महाराष्ट्र में हलवाई का काम करता है। उसकी एक छोटी बहन की अभी शादी नहीं हुई है, जबकि दूसरी बहन शादीशुदा है। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आशीष के पुलिस में भर्ती होने के बाद परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

आशीष की नौकरी से परिवार को थीं बड़ी उम्मीदें
हीरापुरा निवासी आशीष वर्मा के पुलिस विभाग में भर्ती होने से परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। वर्ष 2025 में पुलिस में भर्ती होने के बाद प्रशिक्षण पूरा कर हापुड़ के धौलाना थाने में तैनाती मिली थी। परिवार को उम्मीद थी कि आशीष नौकरी में आगे बढ़कर घर की जिम्मेदारियां संभालेगा, लेकिन रविवार को उसकी मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।पिता त्रिभुवननाथ खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। 
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बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां राजकुमारी और पिता हुए बेसुध
बेटे के पुलिस में भर्ती होने के बाद जिस परिवार में खुशियों का माहौल था, रविवार को उसकी मौत की खबर पहुंचते ही वहां चीख-पुकार मच गई। हापुड़ के धौलाना थाने में सिपाही आशीष वर्मा की मौत की खबर सुनकर मां राजकुमारी और पिता त्रिभुवननाथ बेसुध हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मौजूद रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें संभालने में जुटे रहे।
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