कोयले की आड़ में ओडिशा से गांजा की खेप ताजनगरी पहुंची। यहां पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से सवा कुंतल माल बरामद हुआ।
उत्तर प्रदेश के आगरा में ओडिशा से आने वाले गांजे की तस्करी नहीं रुक पा रही है। सोमवार रात को शाहगंज क्षेत्र में कोयले की आड़ में ट्रक में छिपाकर 1.30 क्विंटल गांजा लाया गया था। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और शाहगंज पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रक पकड़ा। पांच तस्कर गिरफ्तार किए। आरोपियों को जेल भेजा गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं।
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गांजे को उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित पांच राज्यों में खपाया जाना था। एएनटीएफ के सीओ इरफान नासिर खान ने बताया कि पिछले दिनों हाथरस में तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। उन्होंने गांजा तस्करी करने वालों के बारे में बताया था। इस पर तस्करों के मूवमेंट की जानकारी ली जा रही थी।
सोमवार रात को पथौली क्षेत्र में गांजा लाए जाने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस के साथ घेराबंदी की गई। जयपुर मार्ग पर ट्रक पकड़ लिया गया। पांच तस्कर भी हाथ आ गए। उनसे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आगरा और मथुरा के खरीदारों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी, बरामदगी भी
टीम ने आवास विकास के सेक्टर-14 निवासी कपिल जाट, सेक्टर-6 निवासी शशिरंजन चौबे उर्फ बबलू, कागारौल के गढ़ी कालिया निवासी प्रवीण कुमार, मथुरा के बल्देव निवासी संतोष कुमार और विष्णु कुमार को गिरफ्तार किया। पकड़े गए गांजे की कीमत तकरीबन 37.50 लाख रुपये बताई है। बोलेरो व एक ट्रक भी मिला है।
केबिन और छत पर छिपाते थे गांजा
सीओ के मुताबिक, आरोपी ट्रक में महाराष्ट्र के लिए आलू भरकर ले जाते हैं। इसके बाद लौटते वक्त अन्य माल के साथ गांजा भी तस्करी करके लाते हैं। इस बार उन्होंने विशाखापत्तनम से कोयला भरवाया था। इसे अलीगढ़ में उतारना था। इसके कागजात भी थे। इसी ट्रक में केबिन के अंदर और छत पर छिपाकर ओडिशा से गांजा भी लोड करा लिया। इसे आगरा के साथ मथुरा में पहुंचाना था। बोलेरो से दो लोग आगे चलते हैं, जिससे पुलिस चेकिंग का पता किया जा सके।
गांजे की मांग उत्तर प्रदेश सहित राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में है। ओडिशा में 2800 किलोग्राम में गांजा मिल जाता है। इसके लिए जंगल में विक्रेताओं के पास ट्रक ले जाना होता है। यह गांजा स्थानीय स्तर पर पांच हजार से 12 हजार तक में बिक जाता है। इसके बाद पुड़िया बनाकर 25 हजार रुपये किलोग्राम तक में बिक्री हो जाती है। पुलिस को दो और तस्करों के नामों की जानकारी मिली है। पकड़ने के लिए टीम लगी है।