मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित आवास पर प्रदर्शन के साथ ही अमर्यादित शब्द लिखने पर जेल गए छह कांग्रेसी रविवार सुबह रिहा हो गए। जेल से रिहा होने के दाैरान कांग्रेसी जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी पर थाना हरीपर्वत पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कांग्रेसियों को जुलूस निकालने से रोक दिया। इससे कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प हो गई। कुछ देर में थाने से फोर्स पहुंच गई तो कांग्रेसी चले गए। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तकरार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने शहीद स्मारक पहुंचकर सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सीईसी के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव संगठन अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि सीईसी लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। इस्तीफा न देने तक चरणबद्ध आंदोलन होगा।
राजामंडी स्थित कार्यालय पर भी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इसमें आगरा, मथुरा, बुलंदशहर समेत कई जिलों से कार्यकर्ता आए। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम, ओमवीर यादव, महानगर अध्यक्ष अमित सिंह, यतेंद्र मुकद्दम, जियाउल रहमान, रामनिवास यादव, सतेंद्र दुबे, हेमंत चाहर आदि मौजूद रहे।
अन्य आरोपियों की नहीं हुई पहचान
सीईसी के घर प्रदर्शन के मामले में चाैकी प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कांग्रेस नेता मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश, मुकेश गाैड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गाैतम को नामजद किया गया। 20 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने मुकेश, अनिल, राजेश, मनोज, राजा और पंकज को गिरफ्तार किया था। अन्य आरोपियों की पहचान तक नहीं कर सकी है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि कांग्रेसी जिला जेल से छूटने के बाद जुलूस निकालना चाहते थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया तो वे चले गए।