फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मृतक किसान के परिवार से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा में उठाएंगे घुमंतू पशुओं की समस्या

Fri, 31 Jan 2020 08:53 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
मृतक किसान के परिवार से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने शुक्रवार को हिंगोटखेड़ा गांव में घुमंतू पशुओं के फसल को उजाड़ने के कारण आत्महत्या करने वाले किसान राकेश कुशवाहा के परिवारीजनों को सांत्वना दी। आर्थिक मदद भी दी।
विज्ञापन


शमसाबाद में सराफा व्यापारी दंपती की हत्या की घटना के बाद परिवारीजनों से मिले। कहा कि पार्टी घुमंतू पशुओं का मसला विधानसभा में उठाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से किसान के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा देने की मांग की।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेशभर में घुमंतू पशुओं की समस्या विकराल हो चुकी है। पार्टी अभियान चलाकर पार्टी फसलें उजड़ने के दर्द को साझा करेगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि गोशाला के नाम पर प्रदेश में जमकर लूट रही है। खुले में घूम रहे पशु किसानों की फसल को तबाह कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि तबाह हुई फसलों में नुकसान का सर्वे कराये और उन्हें मुआवजा दे। रात में फसलों की पहरेदारी करने वाले किसानों को भत्ता देने का काम सरकार को करना चाहिए।

किसानों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। इस दौरान कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित ने किसानों की समस्याओं से अवगत कराया।

इस दौरान प्रदेश महासचिव अमित सिंह व योगेश दीक्षित, शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू, अदनान कुरैशी आदि मौजूद रहे। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष ने पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद बंसल के घर पहुंचकर उनके पिता को श्रद्धांजलि दी। 
 
विज्ञापन

लिपट कर फफक पडे़ भाई और बेटे
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से लिपट कर मृतक राकेश कुशवाहा के भाई राजेश कुशवाहा फफक पड़े। बेटे सचिन और रिषी भी रो पड़े। जिला अध्यक्ष मनोज दीक्षित से मिलकर मृतक की पत्नी अनीता देवी भावुक हो गई और बोली कि बेटों की परवरिश कैसे होगी।

परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है। खेती पर हुआ कर्ज वह कैसे चुका पाएगी। राकेश कुशवाहा की मौत से उसके पिता उदयराज सिंह 36 घंटे बाद भी बेखबर है। रीढ़ की हड्डी के इलाज के लिए दिल्ली के अरबन हॉस्पिटल में भर्ती पिता को बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें