प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित ने बताया कि कांग्रेस का फोकस निकाय चुनाव पर है। पदाधिकारियों के साथ निकाय चुनाव पर ही चर्चा हुई है। लोकसभा उपचुनाव पर कोई चर्चा नहीं की गई है। अभी तक पार्टी हाईकमान से लोकसभा उपचुनाव के लिए कोई स्पष्ट निर्देश भी नहीं मिले हैं।
'प्रत्याशी न होने से कार्यकर्ताओं को मनोबल टूटता है'
पूर्व जिलाध्यक्ष रामशंकर तिवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। कार्यकर्ता पूरे समय फील्ड में रहकर संघर्ष करता है। जब मौका आता है तो उसको मायूस होना पड़ता है। चुनाव में प्रत्याशी नहीं होने से कार्यकर्ता भी निष्क्रिय हो जाता है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीता शाक्य ने कहा कि उपचुनाव में प्रत्याशी उतारने पर हाईकमान को निर्णय लेना है। हाईकमान का जो निर्णय होगा उसके अनुसार ही कार्यकर्ता काम करेंगे। अभी पार्टी का फोकस केवल निकाय चुनाव पर ही है, जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी तैयारी कर रहे हैं।