ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंकते कांग्रेसी, जिलाध्यक्ष के कपड़ों ने पकड़ी आग
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पॉवर कॉरपोरेशन में हुए 2600 करोड़ के घोटाले को लेकर कैंट बिजलीघर कार्यालय के सामने कांग्रेसियों ने ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंका। साथ ही उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। वहीं इस दौरान उन्होंने मंत्री से इस्तीफे की भी मांग की।
पुतला फूंकने के दौरान जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी ने ऊर्जा मंत्री के लिए कई सवाल दागे। उन्होंने कहा कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस कार्पोरेशन लि. डीएचएफएल में निवेश का अनुमोदन कब हुआ? इस पर कब हस्ताक्षर किए गए? मार्च 2017 के बाद से दिसंबर 2018 तक किन-किन तारीखों में निवेश किया गया? डीएचएफएल की ओर से कौन लोग पत्राचार कर रहे थे? उन्होंने इन सवालों के जवाब को सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय बिट्टू ने कहा कि आखिर भाजपा को सबसे ज्यादा व्यक्तिगत चंदा देने वाले निजी कंपनी डीएचएफएल को ही कर्मचारियों की जीवन की पूंजी क्यों सौंपी गई।
उन्होंने कहा कि 24 मार्च को डीएचएफएल में पहली बार पैसा जमा किया तब प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और श्रीकान्त शर्मा ऊर्जा मंत्री थे। भाजपा लगातार ऊर्जा मंत्री को बचाने के लिए झूठ बोल रही है।
इस मौके पर कीर्ति कौशिक, उमेश भारद्वाज, मोहन सिंह, यतेंदर मुकददम, संजय शर्मा, विक्रम वाल्मीकि, मुकेश धनगर, राहुल अरोड़ा, देवेंद्र यादव, लता चौहान, प्रवीण ठाकुर, प्रवीण भास्कर, अजय कुमार, शैलेंद्र चौधरी मौजूद थे।
बाल-बाल बचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी उस समय बाल-बाल बच गए जब वह पुतला फूंक रहे थे। इस दौरान जलता हुआ पुतला का एक टुकड़ा उनके सिर के पास से होते हुए जूते पर गिर गया। इससे उनके जूता और पायजामा ने आग पकड़ ली। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे तुरंत ही बुझा दिया। इससे वह बाल-बाल बच गए।