बाह के बासौनी के गांव उमरैठा में मंगलवार देर रात कांग्रेस नेता उमाशंकर उपाध्याय एवं उनके बड़े भाई शिवशंकर को गोली मार दी गई। वह एक शादी समारोह में शामिल होकर आ रहे थे। दोनों भाई अपनी कार में बैठ रहे थे। तभी उनको निशाना बनाया। आरोप लगाया गया है कि रंजिश में फायरिंग की गई। उमाशंकर के कंधे में तो शिवशंकर के जबड़े और पेट में गोली लगीं। घटना की जानकारी पर पुलिस पहुंची। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, बुधवार को डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने पूछताछ की। हमलावर पकड़े नहीं गए हैं।
उमरैठा गांव के रहने वाले उमाशंकर उपाध्याय वर्तमान में शहर में रह रहे हैं। उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं अध्यक्ष युवा कांग्रेस फतेहपुर सीकरी लोकसभा आगरा बताया है। मंगलवार की रात वह अपने भाई शिवशंकर के साथ गांव में शादी के एक कार्यक्रम में शामिल होने को आए थे। देर रात जैसे ही दावत खाकर बाहर निकल कर अपनी कार में बैठ रहे थे। आरोप है कि तभी पहले से घात लगा कर बैठे बबलू, गोलू व 3 अन्य ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपियों से उनका जमीन विवाद चल रहा है। इसी रंजिश में हमला किया गया। गोली लगने से दोनों घायल हो गए। गोलियां कार की खिड़की के दरवाजे और शीशे में भी लगी। घायल होकर कार में गिर पड़े।
सूचना पर पहुंची बासौनी पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए बाह सीएचसी पर भर्ती कराया। जहां से एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा। एसओ बासौनी सतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पुरानी जमीनी रंजिश में हमला किया गया है। कांग्रेस नेता की तहरीर पर सतानंद उर्फ बबलू, राम लखन उर्फ गोलू व 3 अन्य के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है। डीसीपी पूर्वी अभिषेक कुमार अग्रवाल, एसीपी गिरीश कुमार ने फोरेसिंक टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। बासौनी पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों ने दोनों भाइयों के किसी पद पर होने से इंकार किया है।
लोग समझे थे पटाखे चल रहे, बरामद किए खोखे
जिस समय घटना हुई, उस समय शादी समारोह चल रहा था। फायरिंग की आवाज सुनकर लोगों को लगा कि पटाखे चलाए जा रहे हैं। लोगों की चीखपुकार सुनकर लोग शादी समारोह से बाहर आए। पुलिस को मौके पर खोखे मिले हैं। फोरेसिंक टीम ने साक्ष्य संकलन किए। डीसीपी ने बताया कि दो हमलावर पहचाने गए हैं, उनकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जिससे वारदात में शामिल वाहन और आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस किया जा सके।