आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास पर प्रदर्शन करने और अमर्यादित शब्द लिखने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बृहस्पतिवार को जेल में बंद कार्यकर्ताओं से कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कारागार में बंद कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित आवास पर प्रदर्शन कर अमर्यादित शब्द लिखने के मामले में कार्यकर्ता बंद हैं।
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राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी कुणाल चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर कार्यकर्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार, महानगर अध्यक्ष अमित सिंह, मनोज जैन बोहरा, अदनान कुरैशी, देवेंद्र सिंह चिल्लू, शुभम शिवहरे आदि मौजूद रहे।
ये था पूरा मामला
आगरा में कांग्रेसियों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के पैतृक आवास पर प्रदर्शन करने और गेट पर अमर्यादित शब्द लिखने के मामले में पुलिस ने 9 नामजद समेत 27 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें हत्या का प्रयास, घर में घुसना और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गईं हैं। चौकी प्रभारी रिंग रोड गौरव कुमार गुप्ता वादी बने हैं जबकि घर पर तैनात होमगार्ड को गवाह बनाया गया है। प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में से कई को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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चौकी प्रभारी ने तहरीर में लिखा कि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के घर पर उपद्रव की सूचना मिली थी। इस पर वह मौके पर पहुंचे। देखा कि कुछ अराजकतत्वों की भीड़ उग्र होकर नारेबाजी कर रही है। सुरक्षा में तैनात होमगार्ड दिनेश कुमार को भी भीड़ ने घेर लिया। विरोध करने पर लोग हमलावर हो गए। बाद में लोग आवास में घुस गए। जान से मारने की नीयत से होमगार्ड को धक्का दिया। उनके सिर पर ठोस वस्तु से प्रहार भी कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गए। पुलिस ने तहरीर में लिखा कि होमगार्ड बुजुर्ग हैं। दिल के मरीज भी हैं। पुलिस ने घायल होमगार्ड को निजी अस्पताल भेजा। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली है।