दक्षिण से नजीर अहमद के टिकट ने सबको चौंकाया
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सपा की सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम दक्षिण सीट के उम्मीदवार नजीर अहमद का है। इस पर पहले न तो सपाइयों को यकीन हुआ और न ही कांग्रेसियों को, क्योंकि नजीर ने अभी तक न तो कांग्रेस छोड़ने का एलान किया है और न ही सपा ज्वाइन करने का। उनका नाम चल रहा था कांग्रेस से। इसलिए हर किसी जुबां पर यही सवाल आया कि उन्हें सपा से टिकट कैसे मिल गया? हालांकि इस पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। उनका कहना है कि उनके पास बी फार्म कांग्रेस का है लेकिन वह गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर ही चुनाव लड़ेंगे।
नजीर अहमद 2012 में दक्षिण सीट पर कांग्रेस के टिकट पर तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 51364 वोट मिले थे। इस बार इस सीट पर कांग्रेस से तमाम दावेदार सामने आए। संगठन ने पैनल में तीन नाम भेजे। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो इनमें नजीर का नाम नहीं था। वह प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के करीबी माने जाते हैं। इसलिए कुछ दिन पहले ही उनका नाम चला। लेकिन अब टिकट मिला है सपा से। हालांकि कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि नजीर राजब्बर के साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संपर्क में भी चल रहे थे।
तीसरी बार बदला है चेहरा
आगरा। सपा ने दक्षिण सीट पर सबसे पहले उम्मीदवार घोषित किया था राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. रोली तिवारी को। उनका टिकट काटकर दिया गया पार्षद क्षमा जैन सक्सेना को। क्षमा पर चुनाव प्रचार के चलते आचार संहिता उल्लंघन का केस भी दर्ज हुआ। लेकिन अब उनका पत्ता भी साफ हो गया । नजीर के रूप में तीसरा चेहरा सामने आया है।