Congress Leader did abusive comment on PM Narendra Modi in Jaipur
कांग्रेस के टिकट दावेदारों को एक साथ दो चिंता सता रही हैं। एक तो सपा और रालोद के साथ बन रही गठबंधन की उम्मीद। अगर गठबंधन हुआ तो कांग्रेस के हिस्से जनपद में बहुत कम सीटें आएंगी। दूसरी टेंशन है पैराशूटर्स से। ये ऐसे नेता हैं जो अचानक से आए हैं और टिकट की लाइन में लग गए हैं। ज्यादा चिंता उन नेताओं से है जो प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के करीबी माने जाते हैं। इनमें दो तीन तो ऐसे हैं जो सिर्फ चुनाव में ही सक्रिय होते हैं। पिछले चुनाव में इनकी जमानत जब्त हुई। फिर भी टिकट के जुगाड़ में लगे हैं।
कांग्रेस में जिला संगठन ने प्रत्येक सीट पर तीन-तीन दावेदारों के नाम भेजे हैं। इन दावेदारों ने टिकट के लिए पसीना बहाया है। पार्टी के आंदोलनों में हिस्सा लिया है। अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए मीटिंग की हैं। पहले माना जा रहा था कि सभी उम्मीदवार इसी पैनल से फाइनल होंगे।
हाईकमान से भी यही कहा गया कि टिकट इनमें से ही फाइनल होंगे। पार्टी ने इनकी इमेज के बारे में सर्वे भी कराया। इनमें कई समाजसेवी भी हैं। लेकिन सारी कवायद पर अब पानी फिरने का डर है। क्योंकि पैराशूटर्स आने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि शहर की एक सीट से एक चिकित्सक ने चुनाव मैदान में उतरने की मंशा जता दी है। वह पूर्व में भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। राज बब्बर के पास हाजिरी लगा रहे हैं। दूसरा चौंकाने वाला नाम भी शहर की एक सीट से है। जिस महिला नेत्री का टिकट सपा से कट चुका, वह अब कांग्रेस में प्रयास कर रही हैं।
दरअसल, राज बब्बर आगरा से सांसद रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी भी यहीं पर बनाई थी। यहीं पर पढ़े भी हैं। उनका शहर में बड़ा संपर्क है। इस बार कांग्रेस के न केवल प्रदेश अध्यक्ष हैं बल्कि चुनाव में उनकी अहम भूमिका है। इसके चलते उनके करीबी लोग टिकट की उम्मीद उनसे लगाए हैं। ऐसे में बेचैनी उन नेताओं में है जो कांग्रेस में प्रत्याशी बनने के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं।