दवा माफिया ने बिना बिल के भी करोड़ों रुपयों की दवाएं बाजार में खपाई हैं। छापे में जब्त किए कंप्यूटर की जांच करने के बाद अभी 5 जिलों की 40 संदिग्ध फर्म मिली हैं। इन सभी के नाम संबंधित जिलों के औषधि निरीक्षकों को भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारी दवाओं की खरीद-फरोख्त का विवरण जुटाते हुए जांच कर रहे हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि बंसल मेडिकल एजेंसी, राधे मेडिकल एजेंसी, हे मां मेडिकोज, एमएसवी मेडी पाॅइंट और ताज मेडिको की अभी तक की जांच करने पर आगरा, बरेली, मुजफ्फर नगर, अलीगढ़ में बिना बिल के भी नकली दवाएं बेची हैं। इनमें कई फर्म मिली हैं। इन सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को सूची भेजकर जांच कराने के लिए कहा है।
इसके साथ ही सभी प्रदेश में आगरा में जब्त की गईं नकली दवाओं के बैच नंबर, कंपनी का नाम समेत अन्य जानकारी भेजी हैं। इससे किसी भी विक्रेता ने इनसे इस बैच की दवाएं खरीदी हैं तो वे संबंधित जिलों के साथ आगरा मंडल में भी इसकी जानकारी देने के लिए कहा है।
दो कंपनियों ने जब्त दवाओं को बताया नकली
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि पांच नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बनाने की शिकायत पर छापा मारा था। इसमें आगरा में ही चार फर्म से करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। इनके यहां से मिली दवाओं का विवरण संबंधित कंपनी को भी भेज दिया है। इनमें से दो ने अपने यहां जांच कर इनको नकली भी बताया है, बाकी की रिपोर्ट आना बाकी है। इसके अलावा विभाग भी 24 नमूनों की जांच करा रहा है।