आगरा में एक पूर्व शिक्षिका से म्यूचुअल फंड निवेश के नाम पर 19 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने धोखे से ओटीपी लेकर उसी रकम पर 9 लाख रुपये का लोन निकाल लिया और पैसे मांगने पर धमकी देने लगा।
केंद्रीय विद्यालय नंबर-3 की पूर्व शिक्षिका के साथ विद्यालय के ही पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर ने धोखाधड़ी की। आरोप है कि 19 लाख रुपये म्यूचुअल फंड में लगाए। धोखे से फंड की रकम पर 9 लाख रुपये का लोन ले लिया। रकम मांगने पर धमकी दी। मामले में हरीपर्वत थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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एलोरा एंक्लेव, दयालबाग निवासी कमलेश कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने बालाजी नगर, एत्माद्दाैला निवासी भरत सिंह सिकरवार को नामजद किया है। उन्होंने बताया कि वह केंद्रीय विद्यालय संख्या-3 में शिक्षक थीं। उनके साथ ही भरत सिंह भी संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर थे। वह म्यूचुअल फंड का कार्य भी करते थे।
शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने आंखों में समस्या होने की वजह से 31 अक्तूबर 2024 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। भरत सिंह ने विद्यालय के कई कर्मचारियों से म्यूचुअल फंड में निवेश कराया था। वह एक दिन आंखों को देखने के बहाने घर आया। उन्हें भी फंड में निवेश के लिए कहा। वह तैयार हो गईं। मगर आरोपी ने फंड में लगने वाले 19 लाख रुपये पर बजाज फाइनेंस कंपनी से लोन ले लिया। इसके लिए उनके मोबाइल पर ओटीपी भी धोखे से प्राप्त कर लिया।
उन्होंने बेटी की फीस जमा कराने के लिए फंड में लगाई गई रकम की मांग की। तब भरत सिंह टालमटोल करने लगा। शक होने पर जब वह म्यूचुअल फंड कार्यालय गईं तो पता चला कि भरत सिंह ने इस धनराशि पर 9 लाख रुपये का लोन लिया है। उसने यह रकम अपने और अपनी मां के खाते में ली थी।
पुलिस से शिकायत करने पर फंड की राशि जमा करा दी लेकिन 9 लाख रुपये नहीं जमा कराए। रुपये मांगने पर धमकी देने लगा। मामले में उन्होंने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की। इस पर थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।