केंद्र सरकार ने चार हजार रुपये के कैश एक्सचेंज की जो सुविधा दी है, उसका गलत इस्तेमाल भी शुरू हो गया है। आगरा में कई फैक्ट्री मालिकों ने गुरुवार सुबह अपने मजदूरों को 500 और 1000 के चार हजार रुपये देकर बैंकों की लाइन में लगवा दिया। मजदूरों को आईडी भी अपनी लगानी पड़ी। दोपहर को ही यह लोग नोट बदलकर फैक्ट्री पहुंच गए। इसके बाद तो इन समेत कई और मजदूरों को फरमान सुना दिया गया कि शुक्रवार से सभी अपनी-अपनी आईडी लेकर आएं। जो नोट बदलकर नहीं ला पाएगा, उसे काम पर नहीं रखा जाएगा।
ऐसे पांच मजदूर शास्त्रीपुरम बी-2 ब्लॉक में रहने वाले अधिवक्ता अनूप कुमार के पास पहुंचे। अनूप ने बताया कि मजदूर डरे हुए थे। उनका कहना था कि यह फरमान सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया की कई फैक्ट्रियों में सुनाया गया है। आशंका है कि इस तरह काला धन सफेद किया जा रहा है।
हालांकि फैक्ट्री मालिकों ने मजदूरों से कहा कि मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है। मजदूरी देने के लिए सौ-सौ के नोट नहीं बचे हैं। 500 और 1000 के नोट कोई नहीं ले रहा। मजदूरों से कहा गया है कि इस मजबूरी के चलते उनसे नोट बदलवाए जा रहे हैं। मजदूरों को डर इस बात का है कि वे फंस न जाएं। कोई उनकी आमदनी का श्रोत पूछेगा तो क्या बताएंगे।
आशंका यह भी है कि एक -एक मजदूर को पांच-पांच आईडी देकर अलग अलग बैंकों से चार-चार हजार रुपये यानी एक ही दिन में 20-20 हजार रुपये बदलवाए जाएंगे। आईडी और ज्यादा होने पर रकम और बढ़ जाएगी। अधिवक्ता ने बताया कि सभी मजदूर सिकंदरा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।