कासगंज। सुमंत कुमार माहेश्वरी इंटर कॉलेज में एनजीओ के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन में पहले भी शिकायत सामने आती रही हैं। शिकायत के चलते विद्यालय ने अप्रैल माह से भोजन लेना बंद कर दिया। अब नए सत्र में विद्यालय में नए सत्र में पहले दिन ही एनजीओ ने मिड डे मील की आपूर्ति की थी। भोजन खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब हो गई।मध्याह्न भोजन योजना के तहत मार्च 2023 तक विद्यालय में ही भोजन बनाकर वितरण किया जा रहा था। इसके बाद एनजीओ के माध्यम से व्यवस्था लागू कर दी गई। अशरफी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान छर्रा अलीगढ़ के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाने लगा। विद्यालय में भोजन खाकर कई बार बच्चों की तबीयत खराब हुई। इसके बाद विद्यालय ने अप्रैल 2024 में भोजन लेना बंद कर दिया। अन्य माध्यमिक स्कूलों में नए सत्र में भोजन शुरू हो जाने पर एनजीओ संचालक ने विद्यालय में संपर्क करना शुरू कर दिया। विद्यालय प्रधानाचार्य ने गुणवत्ता परखने के लिए भोजन लाने के लिए अनुमति दे दी। एनजीओ ने अन्य स्कूलों की तरह ही इस विद्यालय में भोजन उपलब्ध करा दिया, लेकिन एनजीओ के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। खराब गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध करा दिया गया। इससे बच्चों की हालत बिगड़ी। प्रधानाचार्य डीएस पाल ने बताया कि एनजीओ के भोजन से पहले भी बच्चे बीमार हो चुके हैं। चार माह से भोजन वितरण बंद चल रहा था। इस सत्र में पहले ही दिन सप्लाई ली गई।
अन्य विद्यालयों में रोका भोजन वितरण ः
श्रीगणेश इंटर कालेज के प्रधानाचार्य एचपीएन दुबे ने बताया कि विद्यालय में कई माह से भोजन वितरण बंद चल रहा था। जुलाई माह से ही भोजन चालू किया गया। विद्यालय के बच्चे भोजन को पसंद नहीं कर रहे थे। 275 बच्चों में से 40 बच्चों का ही भोजन लिया जा रहा था। सुमंत कुमार विद्यालय में बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलने पर वितरण नहीं कराया गया। भोजन को फेंक दिया गया।