आगरा में नयति मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड की चेयरपर्सन नीरा राडिया सहित आठ लोगों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्जुन ने वादी के बयान दर्ज करने के लिए पत्रावली पर 29 अप्रैल की तिथि नियत की है।
मामले में नार्थ ईदगाह कॉलोनी स्थित लेबोरेट्री स्टोर्स के प्रोपराइटर उत्कर्ष जैसवाल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें नयति की चेयरपर्सन नीरा राडिया, निदेशक नरेंद्र सिंह, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सागर तुतेजा, वरिष्ठ लेखाधिकारी सुनील, लेखाधिकारी बाल किशन चतुर्वेदी, वित्त निदेशक यतीश बहल, वित्तीय नियंत्रक हेमंत जावा पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत सहित अन्य आरोप लगाए हैं।
यह लगाया आरोप
इसमें कहा गया कि उनकी फर्म से नयति मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (नयति मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित) नयति मेडिसिटी एनएच-2, मथुरा को समय-समय पर अस्पताल से संबंधित सामान सप्लाई किया जाता था, जिसका किस्तों में भुगतान किया जाता था।
बाद में 26.85 लाख का भुगतान लंबित हो गया। इसके भुगतान के लिए कहा गया। मगर, सभी विपक्षी टालमटोल करते रहे। पदाधिकारियों से भी आग्रह किया। मगर, सभी ने चेयरपर्सन की पहुंच का हवाला दिया। गालीगलौज कर भगा दिया।
पीड़ित ने अधिवक्ता रोहित अग्रवाल के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज कर वादी के बयान के लिए पत्रावली पर 29 अप्रैल की तिथि नियत की है।