मैनपुरी। अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों के आश्रितों को भी मुआवजा मिलेगा। मुआवजा पाने के लिए 163 लोगों ने आवेदन किए हैं।
अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों को ही रिपोर्ट दर्ज होने पर 25 प्रतिशत और चार्जशीट दाखिल होने पर 75 प्रतिशत धनराशि का भुगतान किया जाता था। नए नियमों के तहत अब पीड़ितों के आश्रित भी मुआवजा पाने के लिए पात्र माने गए हैं। उत्पीड़न के मामलों में 163 आश्रितों ने मुआवजा पाने के लिए आवेदन किए हैं।
आश्रितों के आवेदनों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से समाज कल्याण विभाग को भेजा जाएगा। समाज कल्याण विभाग में जांच समिति द्वारा आवेदनों की जांच के बाद पात्रता केे आधार पर आश्रितों को मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामले होंगे शामिल
आश्रितों को मुआवजा देने के लिए पात्रता की शर्तें तय की गई हैं। हत्या, हत्या का प्रयास, अंगभंग का मामला, दहेज हत्या, दुष्कर्म के बाद हत्या जैसे गंभीर प्रवृति के मामले शामिल किए गए हैं।
नए नियम के तहत अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामलों में अब पीड़ितों के आश्रित भी मुआवजा पा सकते हैं। मुआवजा समाज कल्याण विभाग से दिया जाएगा। विधिक सेवा प्राधिकरण में आए आवेदनों को समाज कल्याण विभाग में कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। - अमित मिश्रा, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण