मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को वापस बुलाने के निर्देश दिए हैं। इन्हें क्वारंटीन किए जाने की तैयारी में जिला प्रशासन मंगलवार को जुटा दिखाई दिया। मंडलायुक्त अनिल कुमार द्वितीय और आईजी जोन ए सतीश गणेश ने डीएम, एसएसपी के साथ शहर के प्रमुख कॉलेजों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं।
कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए देश में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार के श्रमिक देश की राजधानी दिल्ली के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों में फंसे हैं।
प्रदेश सरकार ने इन श्रमिकों को वापस बुलाए जाने का फैसला लिया है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में श्रमिकों के आने के साथ उन्हें क्वारंटीन किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि सुरक्षित घरों तक पहुंचाया जा सके।
मंगलवार को कमिश्नर अनिल कुमार द्वितीय एवं आईजी जोन ए सतीश गणेश ने विकास भवन सभागार में पहले बैठक करके आगे की रणनीति तैयार की। इसके साथ दोनों अफसरों ने डीएम चंद्रविजय सिंह, एसएसपी सचिंद्र पटेल, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह के साथ 15 से 20 हजार लोगों को क्वारंटीन किए जाने पर मंथन किया।
उन्होंने शहर के पीडी जैन इंटर कॉलेज, एसआरके इंटर एवं डिग्री कॉलेज, एमजी इंटर तथा डिग्री कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के दौरान यहां की जा रही व्यवस्थाओं को देखा। आकलन किया गया कि इन कॉलेजों में कितने लोगों का क्वारंटीन किया जा सकता है।
शहर के अन्य प्रमुख कॉलेजों की सूची भी बनाई गई है। ताकि यदि जरूरत पड़े तो श्रमिकों को यहां क्वारंटीन किया जा सके। नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह ने कहा कि कॉलेज भवनों का निरीक्षण क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने के उदेश्य से किया गया है। क्योंकि महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से श्रमिक यदि यहां आएं तो उनको क्वारंटीन किया जा सके।