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पेपर लीक पर शासन सख्त: एसटीएफ जांचेगी कॉलेज की कुंडली, तभी बन सकेंगे परीक्षा केंद्र; जानें क्या है नई व्यवस्था

Sat, 22 Aug 2026 10:38 AM IST
Dhirendra Singh आशीष शर्मा, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पेपर लीक और सॉल्वर गैंग पर रोक लगाने के लिए अब सरकारी और निजी कॉलेजों को प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनाने से पहले एसटीएफ की गोपनीय जांच से गुजरना होगा। कॉलेज संचालकों और कर्मचारियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जाएगा, साथ ही सीसीटीवी, इंटरनेट और परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मचारियों का भी सत्यापन होगा।
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UP STF - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए शासन ने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को बड़ी जिम्मेदारी साैंपी है। सरकारी और निजी काॅलेजों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए केंद्र बनाने से पहले एसटीएफ की टीम गोपनीय जांच करेगी। संचालकों व कर्मचारियों का आपराधिक रिकाॅर्ड खंगालने के साथ ही काॅलेज पहुंचकर भाैतिक सत्यापन भी किया जाएगा। एसटीएफ से क्लीन चिट मिलने के बाद ही काॅलेज परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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इंटरनेट कनेक्शन से लेकर सीसीटीवी कैमरों के ऑपरेटरों के बारे में जानकारी ली जाएगी। संदिग्धों की सूची बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी। हाल ही में नीट यूजी परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के बाद देशभर में काफी हंगामा हुआ था। आगरा में भी साॅल्वर गैंग के सदस्य पकड़े जा चुके हैं। परीक्षाओं में सेंधमारी की शिकायत पर प्राथमिकी तक दर्ज हो चुकी हैं।

एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए गोपनीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग जिलों में टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें परीक्षा केंद्रों पर जाकर जानकारी जुटाएंगी और रिपोर्ट तैयार करेंगी। काॅलेज संचालक या कर्मचारियों का आपराधिक रिकाॅर्ड मिलने पर परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। आगरा में पहले भी साॅल्वर गैंग के सदस्य पकड़े जा चुके हैं और परीक्षाओं में सेंधमारी की शिकायत पर प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी हैं।
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इन बिंदुओं पर जानकारी जुटाएंगी टीमें
सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ की टीमें ये पता करेंगी कि कभी परीक्षा केंद्र बनाए गए काॅलेज से कोई पेपर लीक तो नहीं हुआ। काॅलेज किसी मामले में ब्लैक लिस्ट तो नहीं किया गया है और उसके स्थान पर नाम बदलकर दूसरा काॅलेज बना दिया गया हो। सीसीटीवी कैमरों और कंप्यूटर का संचालन करने वाले कर्मचारी की काॅल डिटेल, ईमेल आईडी भी ली जाएगी। हर काॅलेज की रिपोर्ट एसटीएफ मुख्यालय भेजी जाएगी। संदिग्ध काॅलेजों के बारे में भी बताया जाएगा।


आगरा में ये मामले आ चुके सामने
- जनवरी 2019 : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में नकल करने और करवाने वाले 12 लोगों को मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया था। इनमें सॉल्वर गिरोह का सरगना भी शामिल था।
- नवंबर 2021 : पुलिस विभाग में दरोगा और समकक्ष पदों की ऑनलाइन परीक्षा में खंदौली स्थित परीक्षा केंद्र के पास से एसटीएफ गौतमबुद्ध नगर यूनिट ने सॉल्वर, एजेंट और परीक्षार्थी को पकड़ा था। आरोपियों के खिलाफ थाना खंदौली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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