मैनपुरी। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए इस बाद शासन ने महाविद्यालयों की जांच के लिए पत्र भेजा है। पत्र आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने 131 महाविद्यालयों की जांच के लिए जिले के 25 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। वे कॉलेजों में जाकर भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन करेंगे।
एक ही भवन में कई विद्यालय संचालित करने समेत अन्य कई शिकायतें शासन के पास पहुंचती रहती हैं। इसी के चलते दशमोत्तर छात्रवृत्ति देने से पूर्व प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग ने सभी कॉलेजों की जांच के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है।
पत्र आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिले के अधिकारियों को नामित किया है। ये अधिकारी कॉलेजों में जाकर भवन का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही वहां संचालित पाठ्यक्रम की मान्यता के अभिलेख, शुल्क और कोर्स आदि के बारे में भी जांच करेंगे। एक सप्ताह में अधिकारियों को जांच रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी।
छात्रों से वसूली के संबंध में भी करेंगे बात
जांच अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे 30 दिसंबर 2020 के आधार पर पंजीकृत छात्र-छात्राओं की औसत उपस्थित देखें। मौके पर जांच के दौरान छात्रों से वार्ता कर इस बारे में भी जानकारी की जाएगी कि उनसे कोई वसूली तो नहीं की जा रही है।
वर्जन
शासन के आदेश जिलाधिकारी की ओर से महाविद्यालयों की जांच के लिए अधिकारी नामित किए गए हैं। सभी अधिकारी मौके पर जाकर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
डॉ. इंद्रा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।