एसएन मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मेडिसिन, हड्डी रोग और त्वचा रोग विभाग में शनिवार को सबसे ज्यादा मरीज आए। ओपीडी में आए 491 मरीजों में से 250 मरीज इन तीन विभाग के रहे। इनमें मरीजों ने डॉक्टरों को खांसी-जुकाम, जोड़ों में सूजन और छाती में दर्द की परेशानी बताई। एक्सरे करने पर इनके छाती में बलगम चिपका मिला।
दवा देने के साथ सर्दी से बचने के बारे में भी बताया
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि सर्दी के कारण मरीजों में जुकाम, खांसी, सीने में दर्द, जकड़न की परेशानी मिली। इनमें एक्सरे करने पर मरीजों के छाती में बलगम चिपका मिला। इसके चलते सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। इनको दवा देने के साथ सर्दी से बचने के बारे में भी बताया है। हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि ठंडा मौसम होने से जोड़ों में दर्द, सूजन और पैरों के अकड़ने की दिक्कत ज्यादा मिल रही है। इनमें अधिकांश मरीजों की उम्र 55 साल से अधिक है। इनको पैरों का व्यायाम और फिजियोथेरेपी की भी सलाह दे रहे हैं। त्वचा रोग विभाग के डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि खुश्क त्वचा, खुजली के लगभग 60 फीसदी मरीज आ रहे हैं। इनमें कामकाजी लोग ज्यादा हैं।
साल के पहले दिन एसएन की ओपीडी में आए एक चौथाई मरीज
साल के पहले दिन एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में करीब एक चौथाई मरीज आए। शनिवार को 491 मरीज इलाज के लिए आए, इसमें जोड़ दर्द, छाती में जकड़न और त्वचा रोग के 250 मरीज रहे। ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि शनिवार को 419 मरीज नए और 72 मरीज फॉलोअप वाले रहे। सामान्य दिनों में ओपीडी 1800 से 2000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में मरीजों की संख्या कम होने पर 12 बजे तक लगभग सभी मरीज इलाज पा चुके थे।
यह बरतें सावधानी:
- गुनगुना पानी पीएं, शाम को गर्म पानी की भाप लें।
- नहाने के लिए गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें।
- हाथ-पैरों पर नारियल का तेल लगाएं।
- सिर-कान ढककर रखें। सर्दी से बचें