कासगंज। ठंड बढ़ने से हृदय रोगियों की मुसीबत काफी बढ़ गई है। जिला अस्पताल पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ भी रही है। लेकिन अस्पताल में कार्डियोलॉजी अनुभाग गठित न होने से मरीजों की दिक्कतों का निदान नहीं हो पा रहा। ईसीजी जांच में गंभीर स्थिति सामने आने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रेफर करना पड़ता है। हृदयाघात होने पर मरीजों को समय से उपचार नहीं मिल पाता। इसके चलते उनकी जान तक चली जाती हैं। इस सब का कारण जिले में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ का ना होना है।
जिले में हृदय रोगियों की संख्या लगातार ब़ढ़ती जा रही है। ठंड बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल पर ही हृदय संबंधी बीमारी से परेशान 25 से 30 मरीज प्रति दिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन मरीजाें का ईसीजी जांच तो अस्पताल में किया जाता है। लेकिन उससे ऊपर की जांच की अवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक हाथ खड़े कर लेते हैं, साथ ही मरीज को अन्य हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के अलावा अन्य निजी अस्पतालों में भी जांच के नाम पर केवल ईसीजी जांच की सुविधा हैं। अन्य बढ़ी जांच निजी क्षेत्र मेें भी नहीं हो पाती। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर हृदयरोग का प्रमुख कारण माना जाता है।
ये लक्षण दिखें तो न बरतें लापरवाही
गले या जबड़े में दर्द, चक्कर आना, बांह में दर्द, पेट में दर्द, जी मिचलाना, सीने में जलन, थकान, अचानक पसीना आना, सिर घूमना, सांस लेने में दिक्कत।
सीने में जकड़न, पैरों या भुजाओं में सुन्नपन आदि।
ऐसे रखें दिल का ख्याल
-प्रतिदिन सुबह व्यायाम करें
-खानपान का विशेष ध्यान रखें
फास्ट फूड के सेवन से करें परहेज
-हरी व पत्तेदार सब्जियां अधिक खाएं
-सीने में हल्के दर्द को गंभीरता से लें, चिकित्सक से परामर्श लें
जिला अस्पताल पर ईसीजी जांच की सुविधा है। इसके अलावा अन्य कोई जांच नहीं हो पाती। विशेषज्ञ चिकित्सक की भी शासन से तैनाती नहीं हुई है। एक दिन में 30 तक ईसीजी हो जाती है। गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।-.डाॅ. संजीव सक्सेना, एसीएमएस