कासगंज और बदायूं जिले के लोगों के लिए समाजवादी पार्टी सरकार की सौगात में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने चार चांद लगा दिए हैं। सपा शासनकाल में स्वीकृत हुए बदायूं के सहसवान और कासगंज के अल्लीपुर बरबारा के मध्य गंगानदी सेतु के निर्माण को भाजपा सरकार ने आगे बढ़ा दिया है। धन के अभाव में लटका निर्माण अब जल्द ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 174.97करोड़ रुपये इस पुल के अवशेष कार्यों के लिए स्वीकृत कर दिए हैं।
अल्लीपुर बरबारा और सहसवान क्षेत्र के तमाम गांव ऐसे हैं जहां के लोगों को कासगंज और बदायूं आने जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होती है और काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
तराई क्षेत्र के लोगों को दूसरे जिले तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय आना होता है उसके बाद 50 से 60 किलोमीटर तक की यात्रा तय करने के बाद ही बदायूं, कासगंज के लोग अपने काम से इन जिलों में पहुंच पाते हैं।
प्रदेश में सपा शासनकाल में अखिलेश सरकार ने तराई के लोगों को सौगात देने का काम किया था। अल्लीपुर बरबारा और सहसवान के बीच एक सेतु निर्माण को स्वीकृति दी थी और कुछ हद तक धन स्वीकृत करते हुए काम भी शुरू कराया था।
सेतु निगम ने अपना काम पूरा किया इस सेतु पर सुरक्षात्मक और पहुंच मार्ग का काम लोक निर्माण विभाग को करना था, लेकिन धन के अभाव में लोक निर्माण विभाग यह काम नहीं कर पा रहा था।
अब योगी सरकार ने कासगंज और एटा जिले के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए इस पुल के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा दिया है। पौने दो सौ करोड़ रुपये से इस पुल के सुरक्षात्मक और पहुंचमार्ग के कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
आंकड़े की नजर से
- 1600 मीटर लंबा है सहसवान-अल्लीपुर बरबारा पुल।
- 200 से अधिक गांव के ग्रामीणों को मिलेगी बढ़ी सहूलियत।
- 174.97 करोड़ रुपये स्वीकृत करने के सीएम ने दिए आदेश।
सेतु निगम कर चुका है काम
सेतु निगम पहले ही सहसवान अल्लीपुर पुल निर्माण का कार्य कर चुका है। सुरक्षात्मक कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होती है। पीडब्ल्यूडी ही सुरक्षात्मक कार्य करेगा। 174.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है- एके श्रीवास्तव, संयुक्त प्रबंध निदेशक सेतु निगम, लखनऊ।