मेट्रो डिपो का निरीक्षण करते सीएम योगी
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कार्बन बढ़ने पर एसी देगा साफ हवा
मेट्रो ट्रेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) कार्बन डाई ऑक्साइड सेंसर पर काम करेगा। तापमान बढ़ने के साथ ही एसी खुद एडजस्ट हो जाएगा। ट्रेन में मौजूद यात्रियों द्वारा उत्सर्जित कार्बनडाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने पर एसी खुद ही आंकलन कर लेगा और ऑक्सीजन युक्त साफ हवा ट्रेन में देगा। जिससे यात्रियों को भीड़ में गर्मी, घबराहट या बैचनी नहीं होगी।
ये होंगी आगरा मेट्रो की खासियत
- ट्रेन ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ सिस्टम पर आधारित होगी। ब्रेक लगाने पर 45% बिजली रीजेनरेट होगी।
- वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मेट्रो ट्रेन में अत्याधुनिक ‘प्रॉपल्सन सिस्टम’ लगा होगा।
- पूरी ट्रेन स्वचलित होंगी, जिन्हें सिग्नल कंट्रोल सिस्टम से चलाया जाएगा।
- एक ट्रेन में तीन कोच होंगे। जिनमें एक बार में 974 यात्रियों की क्षमता होगी।
- ट्रेन की डिज़ाइन स्पीड 90 किमी./घंटा व ऑपरेशन स्पीड 80 किमी./घंटा होगी।
- पहला और आखिरी कोच दिव्यांगों के लिए होगा, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर सीट होगी।
- व्हीलचेयर सीट के पास ‘लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन’ होगा, जिसे दबाकर दरवाज़ों को अधिक देर तक खुला रखा जा सकेगा।
- कोच में फ़ायर एस्टिंग्यूशर, स्मोक डिटेक्टर्स और सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
- हर ट्रेन में 24 सीसीटीवी कैमर, विडियो फ़ीड सीधे ट्रेन ऑपरेटर और डिपो सिक्यॉरिटी रूम तक होगी।
- हर ट्रेन में 56 यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट होंगे व 36 एलसीडी पैनल्स होंगे।
मेट्रो ट्रेन के मॉडल का अनावरण
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